6 माह से वीरान राजधानी के देवी मंदिर एक बार फिर भक्तों से आबाद, पंडालों में भी दिख रहा उत्साह , October 19, 2020 at 05:19AM

6 माह से वीरान मंदिरों की रौनक नवरात्रि में माता के आगमन के साथ एक बार फिर लौट आई है। मंदिर और पंडालों में भी अब सुबह से शाम तक भक्त पहुंच रहे हैं। संक्रमणकाल के बाद पहली बार किसी उत्सव पर इतना ज्यादा उत्साह दिख रहा है।
रविवार को नवरात्रि के दूसरे दिन मंदिरों में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की गई। दर्शन के लिए लोग सुबह से मंदिर पहुंचने लगे थे। मास्क पहनकर आने वालों को ही प्रवेश दिया गया। हालांकि, कोरोना संक्रमण की वजह से गर्भगृह और ज्योति कक्ष में प्रवेश पर अब भी प्रतिबंध है। ऐसे में भक्तों ने बाहर से ही माता के दर्शन किए। फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन कराने मंदिरों में गोल घेरे बनाए गए हैं। कई मंदिरों में सैनिटाइजेशन टनल भी लगाए गए हैं। यह व्यवस्था आकाशवाणी तिराहा स्थित काली मंदिर, पुरानी बस्ती के महामाया मंदिर, कुशालपुर स्थित दंतेश्वरी मंदिर जैसे कई देवी मंदिरों में की गई है। मंदिर के बाहर एलईडी स्क्रीन पर भी माता के दर्शन कराए जा रहे हैं। जो भक्त मंदिर नहीं आ पा रहे हैं उनके लिए फेसबुक पेज पर सुबह-शाम आरती का लाइव प्रसारण भी किया जा रहा है, ताकि वे घर बैठे ही दर्शन कर सकें।

आज तृतीया... मां चंद्रघंटा की पूजा का दिन
सोमवार को नवरात्रि का तीसरा दिन है। इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है। ज्योतिषाचार्य डॉ. दत्तात्रेय होस्केरे ने बताया कि तृतीया पर देव गुरु बृहस्पति प्रसन्न रहेंगे। इस दिन माता को गाय के दूध से बने व्यंजनों का भोग लगाएं। चमकीले हरे रंग के वस्त्र पहनें। इस दिन विवाह संबंधी समस्याओं का समाधान होगा।

हनुमान मंदिर में जली 51 ज्योत
चौबे कालोनी, करबला तालाब स्थित पंचमुखी हनुमान, शिव व मां दुर्गा मंदिर में नवरात्रि पर मनोकामना ज्योत प्रज्जवलित किए गए। पुजारी पं. अवनीश शास्त्री महाराज व मंदिर समिति के अध्यक्ष दिनेश्वर जोशी ने बताया कि सुबह शुभ मुहूर्त मेंं 51 दीप जलाए गए।



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Devi temple in the deserted capital for 6 months once again inhabited by devotees, enthusiasm is seen in pandals too


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