6 हजार शिक्षाकर्मियों का एक नवंबर को होगा संविलियन, प्रथम क्रमोन्नति, पदोन्नति और समयमान वेतनमान से वंचित होने का खतरा , October 31, 2020 at 06:45AM

प्रदेश के लाखों शिक्षा कर्मियों की पुरानी सेवाएं डूबत खाते में चली गई। इसलिए आगामी 10 वर्ष तक संविलियन हुए एल.बी. को प्रथम क्रमोन्नत-पदोन्नत-समयमान वेतनमान से वंचित होने का खतरा मंडरा रहा है। तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ ने भूपेश सरकार से पूर्ववर्ती सरकार के निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
प्रदेशाध्यक्ष विजय कुमार झा एवं जिला शाखा अध्यक्ष इदरीश खान ने बताया है कि 01 जुलाई 2018 को संविलित शिक्षकों को एल.बी. नाम के साथ पृथक कैडर बनाने का निर्देश जारी किया था। निर्देश की कंडिका 4 में स्पष्ट कहा गया कि शिक्षक एल.बी.संवर्ग को देय समस्त लाभ के लिए सेवा की गणना संविलियन जुलाई 2018 से की जाएगी। और इन्हें पुरानी सेवा के एरियर्स एवं पेंशन की सुविधा की पात्रता नहीं होगी, नवीन अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी। इससे स्पष्ट है कि पूर्व की 8 वर्ष या उससे अधिक सेवा से वंचित होना पड़ा। इसी पूर्ववर्ती सरकार के निर्णय की पुनरावृत्ति वित्त मंत्री एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दूसरे बजट में 6 हजार शिक्षा कर्मियों को 01 जुलाई 2020 से संविलियन करने का निर्णय लिया था, कोरोना संक्रमण के कारण इसे 01 नवंबर 20 से प्रभावी किया जा रहा है। इन 6 हजार शिक्षा कर्मियों के साथ भी वही होगा। पुरानी सेवा की गणना नहीं होगी। इस प्रकार प्रदेश के 01 लाख 13 हजार शिक्षक एल.बी. पुरानी सेवा डूबत खाते में चली जाएगी।

पिछली सरकार के फैसले को बदलने के लिए मांग
संघ ने मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री से मांग की है कि पूर्ववर्ती सरकार के संविलियन के निर्णय को परिवर्तित कर शिक्षकों के हित में संविलियन के स्थान पर पंचायत व नगरीय निकाय से शिक्षा कर्मियों की सेवाएं शिक्षा विभाग में नियुक्ति दिनांक से हस्तांतरित करने अधिनियम में संशोधन करें। संघ के कार्यकारी प्रांताध्यक्ष अजय तिवारी, महामंत्री उमेश मुदलियार, संभागीय अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रांतीय उपाध्यक्ष विश्वनाथ ध्रुव, प्रांतीय सचिव अमर मुदलियार, नरेश वाढ़ेर, शिक्षक समिति के प्रांतीय संयोजक शेख जुम्मन, जिला संयोजक ज्ञानेश झा आदि नेताओं ने की है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की सीधी भर्ती की प्रक्रिया अटकी है। इसे लेकर पूर्व में राजधानी में प्रदर्शन भी हुआ था।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/34IGKjl

0 komentar