त्योहारी सीजन में साइबर ठगी के रोज दो केस क्यूआर कोड,लकी ड्रॉ जैसे झांसों से बचें , November 01, 2020 at 05:38AM

फेस्टिवल सीजन की शुरुआत हो चुकी है। कोरोना संक्रमण के कारण लोग बाजार जाने के मुकाबले ऑनलाइन शॉपिंग अधिक कर रहे हैं लेकिन साइबर ठग भी एक्टिव हो गए हैं। उन्होंने पैतरे भी बदले हैं।

घर पर कोरियर भेजकर क्यूआर कोड,स्कैच कर लकी डॉ जैसे लालच दे रहे हैं। साइबर एक्सपर्ट हेमंत आदित्य बताते हैं कि अधूरी जानकारी के कारण कस्टमर नकली वेबसाइटों का शिकार हो जाते हैं।

शहर में ऑन लाइन ठगी के रोज दो से तीन केस सामने आ रहे हैं। किसी भी तरह साइबर फ्रॉड से बचने के लिए हमेशा विश्वनीय और अधिकृत वेबसाइट से ही शापिंग करें। बाजार जाएं तब भी कार्ड स्वाइप करते समय अपना पिन खुद इंटर करें।

क्यूआर कोड भेजकर 20 हजार खाते से निकाल लिए

राजीव विहार निवासी रामसनेही शुक्ला स्कूल में क्लर्क है। उनके फोन पर अनजान नंबर से एक कॉल आई। खुद का नाम बलदेव बताया और कहा उसे मनीपाल सिंह नाम के व्यक्ति से 20 हजार लेने हैं। वह गूगल पे करने को तैयार है। उसके गूगल पे पर 20 हजार मनीपाल से ट्रांसफर करवा देता है। उससे बाद में ले लेगा।

वह झांसे में आ गया। कुछ देर बाद अन्य नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने बताया वह मनीपाल है। बलदेव ने आपके नंबर पर 20 हजार ट्रांसफर करने को कहा है। उसने क्यूआर कोड भेजा, जैसे ही वह स्कैन किया तो उसके खाते से 20 हजार रुपए कट गए।

फेक साइट में फंसकर 1.29 लाख गंवाए
तिफरा में रहने वाली लॉ की पढ़ाई कर रही छात्रा प्रीति सिंह ने अजियो नामक साइट से कपड़ा मांगाया था, जिसे वापस करने कस्टमर केयर का नंबर गूगल से निकालकर कॉल करने पर ठग ने गूगल फार्म में यूपीआइ नंबर भरवाकर उसके बैंक खाते और सहेली सुनीता साहू के बैंक खाते से 1.29 लाख रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया।



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