देरी हुई तो तीन साल में नहीं मिलेगी नौकरी , November 01, 2020 at 05:50AM

साल 2017 में लगभग तीन हजार पदाें के लिए निकाली गई पुलिस भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने में यदि अब देरी हुई तो कांग्रेस सरकार अपने इस कार्यकाल में युवाओं को नौकरी नहीं दे पाएगी। यानी भाजपा शासनकाल से पुलिस बनने की आस लगाए युवाओं को इस सरकार में भी पुलिस बनने का मौका नहीं मिल पाएगा।

दरअसल छत्तीसगढ़ में आरक्षक आैर एसआई के लगभग तीन हजार पदों पर होने वाली भर्ती के लिए अभी तक कोई ठोस निर्णय नहीं हो पाया है। आरक्षक भर्ती का मामला जहां कोर्ट में लंबित है वहीं एसआई भर्ती की प्रक्रिया शासन के पास विचाराधीन है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि भर्ती इसकी प्रक्रिया अभी शुरु होती तो युवाआों को नौकरी मिलने में कम से कम ढाई से तीन साल लग जाएंगे। यानी सरकार इसी कार्यकाल में युवाों को रोजगार देना चाहती है तो उसे तत्काल इसकी प्रक्रिया शुरु करनी होगी।

राज्य शासन ने पुलिस विभाग ने आरक्षक भर्ती के लिए साल 2017 में 2259 पदों के विज्ञापन जारी किए थे, जिसमें 61 हजार परीक्षार्थी शामिल हुए थे। लेकिन इसके खिलाफ मार्च 2019 में परीक्षार्थियों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।

हाईकोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई के बाद शासन को आदेश देते हुए परीक्षार्थियों के मामले का 60 दिनों के भीतर निराकरण करने कहा था। इसके बाद प्रक्रिया एक अप्रैल 2020 से दोबारा प्रक्रिया होने वाली थी लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण इसे टाल दिया गया और पुलिस मुख्यालय द्वारा कोर्ट से छह माह का समय मांगा गया था।

दो-तीन महीनें की लेटलतीफी पड़ेगी भारी

भर्ती प्रक्रिया के लिए एक एसओपी बनी हुई है। इसके लिए जो मापदंज निर्धारित किए गए हैं उसके आधार पर प्रक्रिया शुरु की जाती है तो भी एसआई की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने में कम से कम दो साल लगेंगे। यानी यदि इस प्रक्रिया में तीन-चार माह भी लेट हुआ तो फिर यह मामला अगले सरकार के कार्यकाल के लिए बढ़ जाएगा।

इन पदों पर इतनी भर्ती

आरक्षकों के 2259 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया आयोजित की गई थी। वर्तमान में माननीय हाई कोर्ट में हलफनामा प्रस्तुत किया गया है। हाई कोर्ट के निर्देश के बाद आगामी कार्यवाही की जाएगी। इसी तरह एसआई के कुल 655 पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। नियमों में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2HS9U6B

0 komentar