कांग्रेस के सांसद-विधायक हर किसान को बताएं केंद्र की कारगुजारियां , October 02, 2020 at 05:54AM

कांग्रेस के सांसदों और विधायकों के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार को अपने निवास कार्यालय से ऑनलाइन बैठक की। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में केन्द्र सरकार द्वारा पारित कृषि बिल के विरोध को लेकर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि गांव- गांव और हर किसान को इस बिल की खामियों की जानकारी दी जानी चाहिए। हर किसान को केंद्र सरकार की कारगुजारियों की जानकारी दें। बैठक में सभी मंत्रियों व कांग्रेस पार्टी के विधायकों ने राज्य में एकमत से कृषि बिल का विरोध करने का निर्णय लिया। साथ ही जरूरत पड़ने पर शीतकालीन सत्र के पहले छत्तीसगढ़ में विशेष सत्र बुलाने और आवश्यक संशोधन पर भी विचार किया गया। बैठक में सभी ने एक सुर में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व की सराहना की। सभी ने कहा कि राज्य में किसानों की उन्नति और उनकी मजबूती के लिए निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज की अवधारणा को साकार करने के लिए सरकार द्वारा नरवा, गरूवा, घुरवा, बाड़ी कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत गौठानें बनाई जा रही है। इसके जरिए लोगों को अधिक से अधिक रोजगार तथा आय के अवसर उपलब्ध होने लगे हैं।
चर्चा के दौरान कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि किसान अपनी उपज को अपनी मर्जी से नहीं बेच पाएंगे। इन विधेयकों से मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव ने कहा कि इससे कार्पोरेट घराने को अपनी पूंजी बढ़ाने के लिए मदद मिलने वाली है। ऐसा कानून लागू करने वाले कई देशों में इसके दुष्परिणाम दिखाई देने लगे हैं। खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने इन विधेयकों को प्रदेश में किसान, मेहनतकश लोगों के हित के विरूद्ध बताया। इसके तहत अब अनाज, दलहन-तिलहन तथा प्याज-आलू जैसे सामग्रियों को आवश्यक वस्तु की श्रेणी से हटाया जा रहा है। इससे जमाखोरी तथा मुनाफाखोरी को बढ़ावा मिलेगा। नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने औद्योगिक संबंध संहिता विधेयक को श्रमिकों के हित में नहीं होना बताया।
विधायक धनेंद्र साहू, विधायक सत्यनारायण शर्मा आदि ने एकमत से विरोध पर अपनी सहमति दी। पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम ने प्रदेश में एआईसीसी के निर्देशानुसार उक्त विधेयकों के विरोध में प्रदेश में धरना-प्रदर्शन तथा सम्मेलन आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2 अक्टूबर से धरना-प्रदर्शन तथा हस्ताक्षर अभियान शुरू होंगे। 10 अक्टूबर को राजीव भवन में राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। नान के अध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, खनिज निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, सीएम के सलाहकार विनोद वर्मा तथा रूचिर गर्ग उपस्थित थे।



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