बिजली कंपनी में मर्जर के लिए सलाहकार कंपनी नियुक्त , October 18, 2020 at 05:50AM

सरकार ने बिजली कंपनियों के एकीकरण की दिशा में कंपनियों के मर्जर के लिए सलाहकार कंपनी याने कंसलटेंट कंपनी की नियुक्ति की है। कंपनियों को मर्ज करने के कार्य के लिए नियुक्त सलाहकार कंपनी के सहयोग के लिए भी प्रबंधन ने कमेटी का भी गठन कर दिया है।

होल्डिंग कंपनी प्रबंधन ने शुक्रवार को इसका आदेश जारी कर दिया है। कंपनी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि छत्तीसगढ़ स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी का छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड का छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड में मर्जर किया जाएगा।

इन कंपनियों के आपस में मर्जर संबंधी औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए कंपनी ने मेसर्स ईआरएनएसटी एंड यंग एलएलपी कंपनी को एक्सपर्ट कंसलटेंट के रूप में नियुक्त किया है। संबंधित कंपनी को इस कार्य में सहयोग के लिए बिजली कंपनी के अधिकारियों की एक कमेटी भी गठित की गई है।

जिसमें ट्रांसमिशन कंपनी, होल्डिंग कंपनी, ट्रेडिंग कंपनी और डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के वित्त, एचआर, टेक्निकल सेल वह अन्य विभागों के ईडी, जीएम, सीई, एजीएम, डीजीएम (लीगल) स्तर के अधिकारियों के अलावा कंपनी सेक्रेटरी भी शामिल होंगे। जारी आदेश में मुख्य रूप से यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार 31 मार्च 2021 तक इस कार्य हो पूरा कर इसकी रिपोर्ट देने कहा गया है।

कंपनी में एकीकरण की मांग प्रमुख मुद्दा

बीएमएस के प्रदेश महामंत्री आरएस जायसवाल ने बताया कि बिजली कंपनियों के एकीकरण की मांग संगठन की प्रमुख मांग रही है। इसे लेकर कई बार आंदोलन भी किया गया। इस मुद्दे को लेकर 28 अक्टूबर को महासंघ ने कंपनी मुख्यालय में धरना प्रदर्शन की तैयारी भी थी। अब इस दिशा में काम आगे बढ़ाया गया है। जल्द से जल्द कंपनियों के एकीकरण किया जाना चाहिए।

कंपनी को लेकर अब तक ये हुआ

एमपीईबी से अलग होकर नवंबर 2000 में सीएसईबी का गठन किया गया।
2003 में विद्युत अधिनियम के तहत राज्य विद्युत मंडलों के पुनर्गठन की घोषणा।
दिसबंर 2008 में हस्ताक्षर होने के बाद 1 जनवरी 2009 से सीएसईबी का पुनर्गठन कर पांच कंपनियां बनी। वर्तमान में होल्डिंग कंपनी, बिजली उत्पादन कंपनी, वितरण कंपनी,पारेषण कंपनी और ट्रेडिंग कंपनी संचालित है।
25 अक्टूबर 2016 में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल को पब्लिक से प्राइवेट कंपनी बनाने का आदेश जारी किया गया तब इसका विरोध
हुआ था।

मर्जर के बाद ये तीन कंपनियां ही रह जाएंगी
होल्डिंग का ट्रांसमिशन और ट्रेडिंग का वितरण कंपनी में मर्ज हो जाने के बाद पांच में से तीन कंपनी ट्रांसमिशन, वितरण और उत्पादन कंपनी सहित तीन कंपनियां ही रह जाएगी। इससे कंपनियों का घाटा कम करने के साथ ही मेनपावर व अन्य संसाधनों के नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।मर्जर के बाद ये तीन कंपनियां ही रह जाएंगी



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