पीएम रिपोर्ट में गला दबाने और जहर देने की बात साबित नहीं, पुलिस का कहना - अब फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार , October 22, 2020 at 06:00AM

सुपेला के न्यू कृष्णा नगर इलाके में रहने वाले चचेरे भाई-बहन एश्वर्या और श्रीहरि हत्याकांड में पीएम रिपोर्ट आ गई है। इस रिपोर्ट ने पुलिस की थ्योरी ही पलट दी है। रिपोर्ट में यह साबित नहीं हो रहा है कि दोनों की हत्या गला दबाकर और जहर देने से हुई। इससे जांच तो प्रभावित होगी। साथ ही आरोपियों को इसका फायदा भी मिल सकता है।
पुलिस का दावा है कि इससे जांच पर असर नहीं पड़ेगा। हमें फारेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है। पीएम रिपोर्ट में नो डेफिनेट ओपिनियन से हत्या की गुत्थी उलझ गई है। अब पुलिस की जांच फॉरेंसिक की डीएनए रिपोर्ट और शव जलाने के लिए उपयोग किया गए कैमिकल की रिपोर्ट पर टिक गई है। जबकि 11 अक्टूबर को हत्या के बाद ऐश्वर्या के सगे भाई चरण और चाचा के.रामू को गिरफ्तार किया था।

जबकि, पुलिस ने मामले में बताई थी ये कहानी...
सुपेला पुलिस के मुताबिक पीएम रिपोर्ट मिल गई है। इसमें डॉक्टर ने नो डेफिनेट ओपिनियन लिखा गया है। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी के बाद दावा किया था कि आरोपियों ने पहले चचेरे भाई बहन को जहर पिलाया। इसके बाद गला दबाकर मार दिया। शव को ठिकाने लगाने के लिए कार से शिवनाथ नदीं किनारे ले गए और कैमिकल छिड़कर आग लगा दी। जलाने के लिए लकड़ी और साइकिल के टायर का भी उपयोग किया था। पुलिस ने शंका जाहिर की थी जलाने के लिए केरोसीन का उपयोग किया गया था। पुलिस ने नदीं किनारे छानबीन के बाद केरोसीन डिब्बे का ठक्कर भी जब्त किया था।

अब आगे क्या: डीएनए प्रोफाइलिंग के बाद दोनों की पहचान होगी, मौत के कारणों का भी खुलासा होगा
फॉरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. पंकज ताम्रकार के मुताबिक डीएनए प्रोफाइलिंग से दोनों की पहचान सुनिश्चित हो पाएगी। दोनों के शव पूरी तरह जल गए थे। इससे युवक-युवती की पूरी तरह पहचान नहीं हो पा रही थी। लिहाजा डीएनए प्रोफाइलिंग रिपोर्ट से दोनों का पता चलेगा। इससे यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि जो अध जले शव पुलिस ने बरामद किए है को ऐश्वर्या और श्रीहरि के ही थे।

एक्सपर्ट व्यू: मौत के कारण अलग होने से केस में गंभीर प्रभाव पड़ेगा...
दुर्ग के सीनियर एडवोकेट राजकुमार तिवारी कहते हैं, परीस्थिति जन्य साक्ष्य केस में प्रत्येक परीस्थिति महत्वपूर्ण होती है। अगर मौत का कारण पुलिस की थ्योरी से अलग होगा तो केस पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। अभियोजन की कहानी के विरुद्ध अगर कोई फैक्ट आएगा तो प्रकरण में गंभीर प्रभाव डालेगा। ऐसे मामलों की जांच के लिए पुलिस को गंभीरता दिखानी चाहिए।

क्या कहती है पीएम रिपोर्ट, जानिए...

  • लगभग जली हालत में शव मिलने पर शव परीक्षण कर अभिमत देना कठिन होता है।
  • जलने से शव पूरी तरह काला पड़ गया था। इस वजह से गला दबाने के निशान नहीं मिले।
  • इंटर्नल पार्ट जलने से जहर होने की पुष्टि नहीं हो पाई।
  • शव के जल जाने के कारण अवशेष में साक्ष्य नहीं मिलते और सिमटम नष्ट हो जाते है।

सीधी बात
दिलीप सिंह सिसोदिया, टीआई, सुपेला

सवाल - चचेरे भाई-बहन हत्याकांड में पीएम रिपोर्ट में क्या है?
-पीएम रिपोर्ट मिल गई है। इसमें डॉक्टर्स ने नो डेफिनेट ओपिनियन लिखकर दिया है।
सवाल - तो अब आगे क्या करेंगे?
-डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए अवशेष का ड्राफ्ट बनाकर एफएसएल भेंजेंगें। पूरे मामले में कई लोगों के बयान हो गए हैं। अब भी विवेचना चल रही है।
सवाल - मामले में लापरवाही तो नहीं?
-किसी प्रकार की लापरवाही नहीं हुई है। दोनों आरोपियों ने अपना आरोप कबूल किया। मामले की जांच जारी है।



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पुलिस को जब शव मिलने की जानकारी मिली तब मौके पर कोई साक्ष्य नहीं मिले। शव के आसपास से लोग भी गुजरते रहे थे।


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