रायपुर के रावणभाटा में रावण पुतले का दहन नहीं, वध होगा, पर निकलेगी भगवान बालाजी की पालकी; भिलाई के शांति नगर में पहली बार कार्यक्रम नहीं , October 24, 2020 at 12:26PM

कोरोना संक्रमण का साया इस बार रविवार को होने वाले दशहरा पर्व पर भी पड़ा है। इसके चलते कई परंपराएं टूटेंगी। रायपुर में इस बार छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े 101 फीट के रावण पुतले का दहन नहीं होगा, वहीं रावणभाटा में भी सिर्फ वध किया जाएगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल स्वयं इस आयोजन में शामिल होंगे। दूसरी ओर भिलाई के शांतिनगर में 43 साल में पहली बार दशहरा कार्यक्रम नहीं होगा।

ये फोटो रायपुर की है। लोग रावण के पुतले बनाकर फ्लाईओवर के नीचे बेच रहे हैं, लेकिन इस बार डिमांड नहीं है। प्रशासन के रिहायशी इलाकों में पुतला दहन पर रोक के चलते लोग खरीदने नहीं पहुंच रहे।

हर जगह रावण पुतले का दहन नहीं, 100 मीटर दूर से देख सकेंगे
रायपुर में हर साल समितियों के साथ ही लोग भी हर चौराहे पर हजारों की संख्या में रावण के पुतले का दहन करते थे। हर कॉलोनी में उत्साह के साथ पर्व मनाया जाता था, लेकिन इस बार प्रशासन की गाइडलाइन के चलते महज 10 से 12 स्थानों पर ही खुले मैदानों में रावण पुतले का दहन हो सकेगा। जो लोग देखने के लिए पहुंचेंगे उन्हें भी 100 मीटर दूर बैरिगेट लगाकर रोक दिया जाएगा।

रायपुर की डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति हर बार बड़ा आयोजन करती है। रावण के पुतले को बनाने का काम जारी है। रावण पुतला दहन के दौरान 50 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकेंगे।

ना आतिशबाजी होगी, ना 100 फीट का रावण जलेगा
इस बार रावण दहन के दौरान आतिशबाजी भी नहीं होगी। रायपुर की डब्ल्यूआरएस कॉलोनी में सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति हर बार बड़ा आयोजन करती है। छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा रावण का पुतला 101 फीट का यहीं जलाया जाता रहा है। इस बार प्रशासन ने सिर्फ 10 फीट ऊंचे पुतले ही जलाने की अनुमति दी है। रावण पुतला दहन के दौरान 50 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकेंगे।

रायपुर के रावणभाटा में हर बार की तरह राम, लक्ष्मण, हनुमान बनकर कलाकार आएंगे, लेकिन ना रामलीला होगी और ना वो पुतले का दहन नहीं करेंगे। इस बार यहां रावण के पुतले का वध होगा।

रावणभाटा में राम, लक्ष्मण, हनुमान आएंगे, पर रावण का दहन नहीं करेंगे
रायपुर के रावणभाटा में हर बार की तरह राम, लक्ष्मण, हनुमान बनकर कलाकार आएंगे, लेकिन ना रामलीला होगी और ना वो पुतले का दहन नहीं करेंगे। इस बार यहां रावण के पुतले का वध होगा। हालांकि हर बार की तरह भगवान बालाजी की पालकी निकलेगी। यह पालकी दूधा धारी मठ से रावणभाटा और वापस लौटेगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल होंगे।

भिलाई के शांतिनगर में 43 साल में पहली बार रावण दहन का उत्सव नहीं मनाया जाएगा। दशहरा समिति ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया है।

भिलाई : समिति ने दीवार पर लिखा, कार्यक्रम नहीं होगा हम क्षमा प्रार्थी हैं
दूसरी ओर भिलाई के शांतिनगर में 43 साल में पहली बार रावण दहन का उत्सव नहीं मनाया जाएगा। दशहरा समिति ने अपना कार्यक्रम रद्द कर दिया है। दशहरा मैदान में दीवार पर लिखा गया है, 'इस बार कार्यक्रम नहीं होगा हम क्षमा प्रार्थी हैं'। समिति के बृजमोहन सिंह ने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए आयोजन रद्द कर दिया गया है। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

दशहरे पर रावण दहन को लेकर प्रशासन की ओर से 29 प्वाइंट की गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि पुतला दहन किसी बस्ती में नहीं होगा।

रावण पुतला दहन को लेकर प्रशासन ने जारी की है 29 प्वाइंट की गाइडलाइन
दशहरे पर रावण दहन को लेकर प्रशासन की ओर से 29 प्वाइंट की गाइडलाइन जारी की गई है। इसमें कहा गया है कि पुतला दहन किसी बस्ती में नहीं होगा। वीडियोग्राफी करानी होगी और आने वाले हर व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। कार्यक्रम स्थल पर 4 सीसीटीवी कैमरे लगाने होंगे। किसी भी तरह के वाद्य यंत्र या म्युजिक सिस्टम बजाने की अनुमति नहीं होगी।

कोरोना संक्रमण और प्रशासन की गाइडलाइन को देखते हुए इस बार रावण पुतला दहन को लेकर प्रचार नहीं किया जा रहा है। सभी समितियां कोविड प्रोटोकॉल का ध्यान रख रही हैं। एक आयोजन स्थल से दूसरे की दूरी 500 मीटर तय की गई है।
- राधे श्याम विभार, एमआईसी सदस्य, रायपुर नगर निगम



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ये फोटो रायपुर के डब्ल्यूआरएस कॉलोनी की है। यहां पर हर साल छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े 100 फीट के रावण के पुतले का दहन किया जाता रहा है।


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