मुख्यमंत्री बघेल बोले- चिटफंड की तरह है केंद्र का कृषि कानून, पहले अच्छा लगेगा बाद में बर्बाद करेगा , October 27, 2020 at 06:31PM

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार के कृषि संबंधी कानूनों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा, केन्द्र सरकार ने केवल पूंजीपतियों के लिए कानून बनाया है। केंद्र सरकार के ये कानून चिटफंड की तरह हैं, जो शुरुआत में अच्छा लगेगा। लेकिन बाद में बर्बाद करेगा। यह बातें उन्होंने विधानसभा के विशेष सत्र में कहीं। उन्होंने आगे कहा कि रमन सिंह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं, लेकिन उनकी पार्टी ने चुनाव प्रचार के लिए उन्हें बिहार नहीं भेजा।

मुख्यमंत्री ने भाजपा विधायकों से पूछा, केंद्र सरकार किसानों को बोनस नहीं देती तो भाजपा विधायक इसका विरोध क्यों नहीं करते? मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया, हम केंद्रीय कानून को छू भी नहीं रहे हैं। विपक्ष विशेष सत्र पर सवाल उठा रहा था, इसका भी सरकार की तरफ से जवाब दिया गया। सीएम ने कहा विशेष सत्र इसलिए लाया गया ताकि संशोधन एक्ट पर चर्चा हो और जनता जान सके, किसान जान सके कि हम क्या कर रहे हैं। उन्होंने कहा, केंद्र का कानून किसान और उपभोक्ता के साथ धोखा है।

एफसीआई से ही धान लेने की शर्त क्यों
मुख्यमंत्री ने आगे कहा- भाजपा के लोग हम से मांग कर रहे थे कि साठ लाख मिला है, धान ख़रीदिए। पंजाब हमसे छोटा है न, उसे एक करोड़ साठ लाख दिया गया है, चलिए दिलवाईए हमें भी दिलवाईए, हम भी एक- एक दाना खरीदेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, धान से एथेनॉल बनाने की अनुमति दी गई है लेकिन शर्त है कि एफसीआई से धान लिया जाए, क्यों ऐसा ।

हमने पत्र लिख कर एथेनॉल का प्लांट लगाने के लिए धन्यवाद दिया है पर एफसीआई से ही धान लेने की शर्त हटाने का भी आग्रह किया है। आखिर हमारा राज्य है, हमारे किसान हैं उनका अतिशेष धान क्यों नहीं लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा, नकल करने के चक्कर में भाजपा ने देश को बर्बाद कर दिया है। हमारे घोषणा पत्र के वादे इस कानून से अलग है।

राजनीतिक लाभ के लिए ला रहे विधेयक
डॉ. रमन सिंह के साथ तमाम भाजपा विधायक राज्य सरकार के संशोधन विधेयक का विरोध करते दिखे। विशेष सत्र में संसदीय कार्य और कृषि मंत्री रविंद्र चौबे ने छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक को पेश कर दिया। विपक्ष को कानून में इस बदलाव पर आपत्ति है।

पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि यह संशोधन किसी भी हालत में मान्य नहीं हो सकता। न इसके लिए राज्यपाल से अनुमति ली गई और न राष्ट्रपति से इसकी पूर्व मंजूरी ली गई। न तो इसके लिए कोई वित्तीय बजट का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा, यह विधेयक केवल राजनीतिक लाभ के लिए लाया जा रहा है। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा, छत्तीसगढ़ में मंडी संशोधन विधेयक को सदन में पेश किया है, हम केन्द्रीय कृषि कानून में कोई बदलाव नही कर रहे हैं। हम अपने किसानों के लिए छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक 2020 लेकर आए हैं।

विधि मंत्री मोहम्मद अकबर ने सदन में कहा, विधेयक केंद्रीय कृषि संशोधन कानून के खिलाफ नहीं है। कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा, इस विधेयक में विज्ञापन की कोई जरूरत नहीं होगी।

सरकार और राजभवन के बीच टकराव पर बहस
भाजपा विधायकों ने राज्यपाल को लेकर कुछ मंत्रियों के बयान पर आपत्ति की। भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा ने कहा, राज्यपाल को आप सीमाएं न बताएं। जवाब में संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि सबकी अपनी सीमाएं हैं और सबको उसका पालन करना चाहिए। राजभवन का राजनीतिकरण किया जाएगा तो अधिकारों और कर्तव्यों की बात होगी।

भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने राजभवन के राजनीतिकरण के बयान को लेकर आपत्ति जताई। संसदीय कार्यमंत्री ने सत्र के औचित्य पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा, छत्तीसगढ़ की जनता ने हमें बहुमत दिया है। बहुमत प्राप्त दल को यह अधिकार है कि विधानसभा का सत्र कब बुलाया जाए। उन्होंने कहा, सत्र किसानों के मुद्दे पर कानून बनाने के लिए बुलाया गया है।



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फोटो रायपुर की है। विधानसभा में कृषि उपज मंडी संशोधन पर सीएम ने अपनी बात रखी।


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