सिंचाई तालाब का पानी बस्ती में घुसता है, 28 साल से अनुपयोगी , November 26, 2020 at 04:00AM

ग्राम पंचायत कोड़ेजुंगा के आश्रित ग्राम चिवरांज में 30 वर्ष पहले सिंचाई तालाब बनाया गया था ताकि गांव के किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए पानी मिल सके। तालाब में तकनीकी खराबी तथा रखरखाव नहीं करने से तालाब का पानी नहर नाली की ओर नहीं जाकर डायवर्ट होकर बस्ती में घुस जाता है। यही कारण है कि गांव के किसानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया तालाब गांव के लोगों के लिए तकलीफ का कारण बन गया है। सिंचाई तालाब का काफी भाग पट चुका है। सिंचाई के लिए बनी नाली भी पट रही है।
ग्राम पंचायत कोड़ेजुुंगा के आश्रित ग्राम चिवरांज में पहाड़ी से घिरे 8 एकड़ में सिंचाई तालाब बना है। तालाब सालों से अनुपयोगी पड़ा है। तालाब का काफी भाग रेत से पट चुका है। झाड़ियां तक उग गई है। तालाब में बारिश के दौरान पहाड़ी से पानी आता है लेकिन पानी रूक नहीं पाता। तालाब में सिंचाई के लिए बने गेट के साथ 2.5 किमी लंबी नहर नाली भी जगह जगह पट चुकी है। नहर में झाडिय़ां उग गई है।
तालाब का पानी खेतों तक पहुंच ही नहीं पाता। तालाब की मरमत करने तक ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पहाड़ी से आने वाला पानी गेट खराब होने के साथ तथा नहर नाली पटे होने की वजह से ऊधर नहीं जाकर दूसरे मार्ग में डायर्वट हो जाता है। तालाब का पानी खेतों तक नहीं पहुंच बस्ती में घुसता है जिसकी वजह से लोगों को नुकसान भी होता है। वर्ष 2016 में सिंचाई तालाब से आने वाला पानी कई घरों में घुस गया था जिससे नुकसान बहुत ज्यादा हुआ था।
इसे लेकर नाराज गांव के किसानों का कहना है शुरू के 2 साल जरूर गांव के 25 एकड़ खेतों को सिंचाई के लिए पानी मिलता था लेकिन उसके बाद पानी मिलना बंद हो गया। चिवरांज के बीरसाय सलाम ने कहा कि तालाब के गेट के साथ नाली की मरम्मत करने की जरूरत है। किसान अकबर सिंह ने कहा कि तालाब की मरम्मत करने से गांव के किसानों को बहुत लाभ होगा।

पंचायत को करना है मेंटेनेंस
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता आरआर वैष्णव ने कहा कि उक्त सिंचाई तालाब को जल संसाधन विभाग ने कई सालों पहले बनाया था। तालाब की सिंचाई क्षमता 100 एकड़ है। तालाब का निर्माण करने के बाद उसे ग्राम पंचायत को हैंडओवर कर दिया गया था। पंचायत को ही उसका मेंटेनेंस करना है। पंचायत के पास फंड न हो तो विधिवत प्रस्ताव भेजकर तथा स्वीकृति लेकर इसकी मरम्मत मनरेगा से करा सकते हैं।



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Irrigation pond water enters the settlement, unusable for 28 years


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