राहुल गांधी ने कहा, छत्तीसगढ़, पंजाब और बिहार की जनभावनाएं सामने आएंगी तो कृषि कानूनों पर पुनर्विचार करेंगे प्रधानमंत्री , November 02, 2020 at 05:42AM

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के कृषि संबंधी कानूनों पर फिर हमला बोला है। छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस समारोह में उन्होंने कहा, मैंने प्रधानमंत्री से इन कानूनों पर फिर से विचार करने की मांग की है। छत्तीसगढ़, पंजाब और बिहार की जनभावनाएं आने के बाद प्रधानमंत्री को इन कानूनों पर पुनर्विचार करना पड़ेगा।

राहुल गांधी ने कहा, मंडी तंत्र में कुछ कमियां हैं। न्यूनतम समर्थन मूल्य में कुछ दिक्कतें हैं, लेकिन इसके लिए मंडी और एमएसपी को ही खत्म नहीं करना चाहिए। अगर मंडियों को खत्म कर दिया गया तो देश की नींव टूट जाएगी। अगर मंडियां कम हैं तो अधिक से अधिक मंडी बना दें। एमएसपी का सिस्टम ठीक कर दें, लेकिन मंडियों की व्यवस्था को खत्म न करें।

राहुल गांधी ने कहा, कोविड महामारी पूरे देश में तेजी से फैल रही है। ऐसी स्थिति में किसान, मजदूर, छोटे दुकानदार और महिलाएं सबसे अधिक कठिनाई में हैं। हमें किसानों-मजदूरों के साथ खड़ा होना चाहिए। किसान-मजदूर ही इस देश की बुनियाद हैं। इनकी रक्षा करके हम देश की रक्षा कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा, छत्तीसगढ़ इन मामलों में एक नया मॉडल बन रहा है।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया, केंद्र सरकार के कृषि संबंधी कानूनों के दुष्प्रभाव से किसानों को बचाने के लिए उनकी सरकार ने मंडी अधिनियम में संशोधन किया है। मुख्यमंत्री निवास में आयोजित वर्चुअल समारोह में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, वन एवं पर्यावरण मंत्री मोहम्मद अकबर आदि मौजूद थे। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम वीडियो कॉंफ्रेंसिंग के जरिये कार्यक्रम में शामिल हुए।

हिंदी का अपना स्थान लेकिन अंग्रेजी दिलाती है वैश्विक अवसर

स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल की शुरुआत करते हुए राहुल गांधी ने राज्य सरकार की प्रशंसा की। कहा-हिंदी और स्थानीय भाषाओं का स्थान है, लेकिन अंग्रेजी युवाओं को वैश्विक अवसर प्रदान करती है। गरीबों, किसानों, मजदूरों के बच्चों को यह अवसर मिलना ही चाहिए।

मुख्यमंत्री ने एथेनाल उत्पादन के लिए एफसीआई की शर्त हटने की उम्मीद जताई

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, राज्य सरकार के प्रयासों ने छत्तीसगढ़ को धान से एथेनाल बनाने की मंजूरी मिली है। इससे 10 हजार करोड़ रुपए का पूंजी निवेश आएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार एथेनाल बनाने के लिए केवल भारतीय खाद्य निगम से धान लेने की शर्त हटा लेगी। इससे किसानों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा, न्याय योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं।

सड़क बनाने के लिए 5500 करोड़ का कर्ज लेगी सरकार

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बताया, सरकार गावाें-टोलों-मजरों को जोड़ने के लिए 13 हजार 230 करोड़ रुपए लागत की सड़काें और पुल-पुलियों का निर्माण कर रही है। 839 सड़कें पहले से स्वीकृत हैं। इस साल 84 सड़कों को मंजूरी मिली है। उन्होंने बताया, सड़क विकास निगम के जरिए सड़क निर्माण के लिए सरकार 5500 करोड़ का कर्ज भी लेगी।



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हर वर्ष एक नवम्बर को छत्तीसगढ़ का स्थापना दिवस राज्योत्सव मनाया जाता है। कोविड-19 की वजह से इस बार यह समारोह मुख्यमंत्री निवास में बिना लोगों की मौजूदगी के आयोजित हुआ।


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