छठ पूजा स्थल पर बच्चों-बुजुर्गों का जाना मना , November 20, 2020 at 04:00AM

नहाय- खाय के साथ बुधवार से छठ पर्व की शुरुआत हो गई है। दंतेवाड़ा , गीदम, बचेली, बारसूर, किरंदुल सहित अन्य जगहों में घाटों पर तैयारी चल रही है। शुक्रवार को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। घाटों में इस बार कोरोना का असर देखने को मिलेगा।
कड़े नियमों के बीच श्रद्धालु डूबते व उगते सूर्य को अर्घ्य देंगे। पर्व से पहले कलेक्टर दीपक सोनी ने इसके लिए निर्देश जारी किए हैं। इस बार छठ पूजा स्थलों में छोटे बच्चों, बुजुर्ग/वृद्ध को जाने की अनुमति नहीं है। भारत सरकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के आदेश के अंतर्गत जारी एसओपी का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। निर्देशों का उल्लंघन करने पर कड़ी
कार्रवाई होगी।

छठ पर्व मनाने इन नियमों का पालन जरूरी

  • छठ पूजा स्थलों पर केवल पूजा करने वाले व्यक्ति ही शामिल होंगे। अनावश्यक भीड़ एकत्रित न होने देने की जिम्मेदारी आयोजन समितियों की होगी।
  • छठ पूजा स्थलों पर प्रत्येक व्यक्ति के लिए मास्क/सोशल व फिजिकल डिस्टेंसिंग के मापदण्डों का पालन तथा समय-समय पर सेनेटाइजर का उपयोग करना अनिवार्य होगा।
  • जुलूस/सभा/रैली/सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जा सकेगा।
  • छठ पूजा स्थलों में पान, गुटखा, इत्यादि खाकर अन्यथा थूकना प्रतिबंधित रहेगा।
  • छठ पूजा में प्रातः 06 बजे से प्रातः 08 बजे तक ही हरित (ग्रीन) पटाखे फोड़ने की अनुमति रहेगी।
  • छठ पूजा स्थलों में किसी प्रकार के बाजार, मेला, दुकान इत्यादि लगाने की अनुमति नहीं होगी।
  • ध्वनि विस्तारक यत्रों के उपयोग की अनुमति नहीं होगी।
  • नदी, तालाब के गहरे पानी में जा कर पूजा करने की अनुमति नहीं होगी।


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Children and elders refuse to visit Chhath Puja


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