लॉकडाउन के कारण मोबाइल, स्कूटी की किस्त नहीं चुका पा रहा हूं, मैनेजर नौकरी से निकालने की दे रहा धमकी , November 26, 2020 at 06:05AM

मैं कृष्णा राजपूत अपने पूरे होश में लिख रहा हूं.. लॉकडाउन के कारण मेरे ऊपर काफी कर्ज हो गया था जिसको मैं पिछले कुछ महीनों से काम चलने के साथ साथ पेमेंट करते आ रहा था। मैंने गाड़ी टीवी और मोबाइल ईएमआई पर लिया था। काम नहीं चलने के कारण मैं नहीं चुका नहीं पा रहा था। इसलिए टेंशन में था.. लेकिन आज 24-11-2020 को जहां मैं काम करता हूं...(......लिमिटेड महाराणा प्रताप चौक) वहां किसी कारणवश पिछले दो दिन से नहीं जा पाया तो मैनेजर ....... ने सैलरी रोक देने और काम से निकाल देने की धमकी दी। साथ ही कहीं और काम न कर पाऊं इसके लिए लिए भी झूठी बात फैलाने की धमकी दी। साथ में काम करने वाले दोस्तों से मैंने उधार लिया हुआ है। धर्मेंद्र कश्यप से 1400, विशाल रावत से 2000, त्रिुभुवन साहू से 1500 लिया था। मैंने उनसे कहा था कि अगली सैलरी आते ही दे दूंगा। लेकिन आज काम में न जाने के कारण ........ ने इन तीनों को मेरे घर भेजकर जलील करने को भड़काया। सैलरी रोकने और काम से निकालने की धमकी देने के कारण मैं परेशानी में हूं। मेरे ऊपर कर्ज है, पता नहीं मैं कहां से चुका पाऊंगा। इसलिए मैं सुसाइड कर रहा हूं। इसका सबूत आपको वाट्सएप व चैट से मिल जाएगा।
कृष्णा राजपूत
24-11-2020
यह सुसाइड नोट है। इसे फांसी लगाकर खुदकुशी करने से पहले कृष्णा राजपूत पिता माखन राजपूत 23वर्ष सरकंडा चिंगराजपारा ने लिखा है।

सुसाइड नोट में लिखा- दोस्तों को घर भेजकर कराया जलील
कृष्णा राजपूत महाराणा प्रताप चौक स्थित एक निजी कंपनी में प्राॅइवेट कोरियर कंपनी में जॉब करता था। मंगलवार की दोपहर को वह अपनी बहन के साथ घर पर ही था। पिताजी व मां किसी काम से बाहर गए थे। दोपहर करीब 12 बजे वह खाना खाकर अपने कमरे में चला गया। शाम करीब 6 बजे तक बाहर नहीं निकला तो उसकी बहन व पिता उसे चाय लेकर जगाने गए। कमरे का दरवाजे भीतर से बंद था। उन्होंने आवाज दी पर कोई जवाब नहीं आया। दोनों ने दरवाजे को जोर से धक्का मारा। यह किसी चीज से टिका हुआ था। धक्का मारते ही खुल गया। भीतर घुसे तो कृष्णा का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला। जिंदा होने की आशंका के चलते पिता ने शव को किसी तरह नीचे उतारा। जांच की तो उसकी मौत हो चुकी थी। उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस आई और शव को सिम्स मरच्युरी भेजा। रात होने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो पाया। बुधवार को उसका पीएम हुआ। युवक के कमरे से पुलिस को सुसाइड नोट मिला है।

कोरोनाकाल में खुदकुशी के आंकड़े बढ़े: अब तक 461 ने की आत्महत्या
कोरोना के चलते खुदकुशी करने वालों की संख्या दिनों दिन बढ़ रही है। मार्च 2020 से 20 नवंब तक 461 लोगों ने खुदकुशी कर ली। 2019 में इतने ही दिनों में केवल 293 ने आत्महत्या कर जान गंवाई थी। कोरोना व लॉकडाउन का लोगों की जीवन पर व्यापक असर पड़ा है। एकाएक काम बंद होने की वजह से आत्महत्या के मामले बढ़ गए। इनमें 154 बेकारी, आर्थिक संकट या फिर नौकरी छूटने से अपनी जान दे चुके हैं। वर्ष 2019 में 293 और 2018 में 187 लोगों ने अपनी मर्जी से जान दी।

आत्महत्या करने वालों में 20-30 साल के अधिक
खुदकुशी करने वाले सबसे अधिक 20 से 30 साल के लोग थे। इस आयु वालों में 117 लोगों ने सुसाइड किया। इसी तरह 30-40 साल के 60 लोगों ने आत्महत्या की। दोनों ही आयु वर्ग वाले लोग अपना घर चलाते हैं और निराश होकर उन्होंने यह कदम उठाया।

घर चलाने की समस्या का तनाव बड़ा कारण
मनोचिकित्सक डॉ. संदीप तिवारी कहते हैं कि आत्महत्या के लिए घर चलाने की समस्या एक बड़ा कारण है। समय रहते समस्या का इलाज नहीं हुआ तो यह मन में इतना हावी हो जाता है कि खुदकुशी के विचार मन में आने लगते हैं।

पुलिस सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग एक्सपर्ट से कराएगी जांच-टीआई
सरकंडा टीआई जय प्रकाश गुप्ता के अनुसार पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है। उसकी हैंडराइटिंग एक्सपर्ट से जांच कराई जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है। युवक के परिजनों ने भी वहीं बात बताई है जो युवक के कमरे से मिली चिट्‌ठी में है।



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प्रतीकात्मक फोटो।


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