कलम रख-मशाल उठा आंदोलन को शीघ्रलेखक संघ ने भी दिया समर्थन , November 29, 2020 at 04:29AM

कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए मोर्चा खोल दिया है। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की अपील पर प्रदेश के जिलाें और तहसील से लेकर विकासखंडों तक के कर्मचारी कलम रख-मशाल उठा आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। इसके लिए कर्मचारियों-अफसरों से जनसंपर्क अभियान के लिए गेट मीटिंग, सभा और कार्यालयों में संपर्क किया जा रहा है।

फेडरेशन के संयोजक कमल वर्मा के नेतृत्व में पहले चरण में 1 दिसंबर को मुख्यमंत्री के नाम सचिव जीएडी को ज्ञापन दिया जाएगा। मंत्रालय शीघ्रलेखक संघ के अध्यक्ष देवलाल भारती ने आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है। फेडरेशन के प्रमुख प्रवक्ता विजय कुमार झा एवं प्रांतीय कोषाध्यक्ष सतीश मिश्रा ने बताया कि फेडरेशन की बैठक में लिए गए निर्णयानुसार कलम रख-मशाल उठा आंदोलन को प्रदेश में व्यापक समर्थन प्राप्त हो रहा है।

प्रवक्ता विजय कुमार झा ने बताया कि प्रदेश के लाखों कर्मचारी के अलावा अनियमित कर्मचारी और पेंशनर सरकार के वादाखिलाफी से आक्रोषित हैं। फेडरेशन में सभी मान्यता प्राप्त, गैरमान्यता प्राप्त, कर्मचारी संगठनों व उनके सदस्यों से अपना अपना झंडा बैनर त्यागकर अपने सम्मान, स्वाभिमान की लड़ाई में प्रदेश सरकार के कोष से प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से वेतन, पारिश्रमिक, मानदेय प्राप्त करने वाले समस्त कर्मचारियों से इसमें भाग लेने की अपील की जा रही है।

इन मांगों पर आंदोलन
कर्मचारियों की मुख्य मांग 9 प्रतिशत लंबित मंहगाई भत्ता, 7 वें वेतनमान का एरियर्स, स्वीकृत वेतनवृद्धि की राशि सहित शासकीय सेवा के दौरान कोरोना संक्रमण से दिवंगत परिजनों को 50 लाख बीमा लाभ, अनुकंपा नियुक्ति में 10 प्रतिशत सीमा बंधन समाप्त करना, अनियमित कर्मचारियों के नियमितिकरण, 62 साल की सेवा गारंटी, अखिल भारतीय व प्रशासनिक अधिकारियों की भांति समय सीमा में पदोन्नति क्रमोन्नति प्रदान करना आदि है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2Vdg709

0 komentar