बिलासपुर की यातायात पुलिस लोगों को बेकार में परेशान करती है, कृपया मनमानी रोकें! , November 29, 2020 at 06:10AM

ट्रैफिक पुलिस ने दिव्यांग को पुराने बस स्टैंड पर रोक लिया। उसके साथ तरह दुर्व्यवहार किया गया। उसने सीएम,गृहमंत्री सहित आईजी व एसपी को चिट्‌ठी भेजी है। (जो लिखा है वह हूबहू) विनम्र निवेदन है कि बिलासपुर में रोज-रोज अपराध हो रहे है लेकिन उनमें ध्यान नहीं देकर बिलासपुर पुलिस और यातायात के जवान आम आदमी को बिना वजह परेशान कर रहे हैं। आज 27 नवंबर 2020 को दोपहर 12 बजे पुराना बस स्टैंड मंदिर चौक के पास मेरे भाई के स्कूटी से आरक्षक कुशल कौशिक बिना पीछे देखे टकराकर गिर गया था।

मैं बराबर इंडिकेटर और हॉर्न दे रहा था। उस समय हवलदार बाइक में भाग रहे दो लड़कों को पकड़ने के लिए दौड़ लगा रहा था। बाकी 3 सिपाही आराम से खड़े थे। वे तीनों दौड़ नही लगा रहे थे। गुस्से में आकर आरक्षक कुशल कौशिक ने मेरी गाड़ी की चाबी निकाल ली। मैं बोला कि आप चलती गाड़ी से चाबी नही निकाल सकते है। मैं गाड़ी से सही साइड से जा रहा था। आरक्षक कुशल कौशिक अपनी गलती से भागने वाले को पकड़ नहीं पाए और उनके गुस्से में मेरी गाड़ी की चाबी निकाल लिया और किनारे लगा दिया।

मैं निरीक्षक ई एक्का को बताया मोटर व्हीकल एक्ट में प्रावधान है कोई भी यातायात पुलिस का सिपाही किसी भी गाड़ी की चाबी नही निकाल सकता है। मैं बधिर दिव्यांग आदमी हूं पर एक्का और कौशिक बोले कि वे किसी ऐसे कानून को नही मानते हैं। गुस्से में उन्होंने मेरी गाड़ी के लॉक लगा दिया और मुझे बिना वजह के ही डांट रहे थे। मैं एक्का से बोला मैं आदमी हूं।

मेरे से आदमी समझ कर बात कीजिए तो उन्होंने तैश में आकर मुझे गेट आउट कहा। इसके बाद मेरे खिलाफ बेवजह धारा 184,130(3),129,179 लगा दिया गया। गलती हवलदार कुशल कौशिक की है। मेरे ऊपर लगाया केस खत्म करके मेरी गाड़ी वापस दिलाया जाए।
आपके सहयोग के अपेक्षा के साथ
भवदीय
कुँवर मानवेन्द्र सिंह
S/O श्री विजय पाल सिंह (रिटायर्ड आईएएस मध्यप्रदेश शासन)

किसी ने शिकायत नहीं की है-ट्रैफिक डीएसपी

ट्रैफिक डीएसपी सत्येंद्र कुमार पांडेय ने कहा है कि अभी तक उनके पास किसी ने शिकायत नहीं की है। शिकायत मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।



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शिकायतकर्ता पुराना बस स्टैंड की यह तस्वीर शिकायत के साथ भेजी है।


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