कॉलेजों में व्यवस्था नहीं, आवेदन-मार्कशीट जमा करने कवर्धा, बेमेतरा और दूसरे जिलों से आ रहे छात्र , November 30, 2020 at 06:21AM

हेमचंद यादव विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षा परिणामों में करीब 400 से 500 छात्रों का रिजल्ट अटक गया है। इसे लेकर कॉलेजों में व्यवस्था नहीं होने से स्टूडेंट्स 150 किमी तक का सफर तय कर यूनिवर्सिटी आने को मजबूर हो रहे हैं। यूनिवर्सिटी ने हाल ही में 15 से अधिक कक्षाओं के परिणाम जारी किया है। इसमें बीए, बीकॉम और बीएससी फाइनल ईयर के परिणाम शामिल हैं। तीनों मुख्य कक्षाओं में सबसे ज्यादा छात्रों के परिणाम रोके गए हैं।

छात्रों को अगली कक्षाओं में प्रवेश लेना है, लेकिन परिणाम अटकने से उनको यूनिवर्सिटी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यूनिवर्सिटी में जाकर लाइन लगाना पड़ रहा है। आवेदन और पूर्व कक्षाओं की डिटेल देने के बाद 7 दिनों के अंदर परिणाम दिए जा रहे हैं। इसके चलते दूरस्थ गांवों में रहने वाले छात्रों को भी आवेदन और पूर्व कक्षा की अंक सूची लेकर यूनिवर्सिटी आना पड़ रहा है।

16 कक्षाओं के रिजल्ट में 567 छात्रों के परिणाम रोका गया: यूनिवर्सिटी ने 25 नवंबर को पीजी की 16 कक्षाओं के परिणाम को जारी किया। जिसमें एमए, एमकॉम और एमएससी के परिणाम थे। इन 16 कक्षाओं में कुल 5687 छात्रों ने हिस्सा लिया था। जिसमें 567 छात्रों के परिणाम रोके गए हैं। गुरुवार को यूनिवर्सिटी में आवेदन फॉर्म जमा करने वालों की लंबी कतार लगी रही। यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स के समस्याओं का निराकरण तो किया जा रहा है। बाहर से आने वाले छात्रों को काफी परेशानी हो रही।

छात्रों को इस तरह की परेशानी उठानी पड़ रही

केस-1: नहीं शो हो रहा नामांकन नंबर : नवीन गवर्नमेंट कॉलेज बलौदी, जिला बालोद से छात्र तिलोक चंद यूनिवर्सिटी में लाइन लगाकर खड़े थे। पूछने पर बताया कि उनका रिजल्ट रुक गया है। नामांकन नंबर नहीं शो हो रहा है। आने-जाने में 100 किलो मीटर तक का सफर तय कर रहे।

केस-2: एक्जाम फॉर्म में नहीं दिखा रहा एटीकेटी: बालोद जिले के छात्र आशुतोष ठक्कर ने बताया कि वे करीब 55 किलो मीटर दूर रहते हैं। आने जाने में करीब 110 किलो मीटर सफर करना पड़ रहा है। ऑनलाइन या कॉलेज में अन्य कोई सुविधा नहीं होने के कारण यूनिवर्सिटी आना पड़ रहा है। यहां भी लाइन में लगना पड़ रहा है।

केस-3: पर्यावरण में बता दिया अब्सेंट, साजा से पहुंची छात्रा: पं. देवी प्रसाद कॉलेज साजा की छात्रा पुष्पांजलि जंघेल यूनिवर्सिटी पहुंची। उनके रिजल्ट में पर्यावरण विषय में अबसेंट दिखा रहा है। जबकि उन्होंने पहले साल ही पर्यावरण दिला दिया है। रिजल्ट रुक गया है। छात्रा ने संशोधन करने के लिए आवेदन किया है।

5 जिलों के छात्र 5 घंटे का सफर कर पहुंच रहे यूनिवर्सिटी
यूनिवर्सिटी में ऑनलाइन सिस्टम या इसको लेकर कोई व्यवस्था नहीं होने के कारण छात्रों को चार से पांच घंटे का सफर करना पड़ रहा है। कवर्धा, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव में कई ऐसे कॉलेज हैं, जो 100 किलो मीटर तक दूर हैं, परिणाम अटकने से इन्हें खुद की सुविधा से यूनिवर्सिटी आना पड़ रहा है। आने-जाने में उनका पूरा दिन खराब हो रहा है। छात्रों का कहना है कि ऑनलाइन सिस्टम होने से यह दिक्कत नहीं होती।

मुख्य परीक्षा के परिणाम जिनमें ज्यादा दिक्कत
फैक्ल्टी रिजल्ट अटके
बीए 15879 507
बीकॉम 4078 454
बीएससी 7004 640
एमए हिंदी 1652 262
एमए राजनीति 1117 128

नोटिफिकेशन में स्पष्ट- विवि में करें आवेदन

छात्रों को इस समस्या से निकालने के लिए किसी वैकल्पिक व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया गया है। रिजल्ट नोटिफिकेशन में यूनिवर्सिटी ने साफ लिखा है कि जिन परीक्षार्थियों के परिणाम रोके गए हैं वें आवेदन के साथ पिछले वर्ष की अंकसूची संलग्न कर विवि में जमा करें।

छात्र जहां से भी आ रहे, उनकी समस्या दूर की जा रही

छात्रों के परीक्षा फॉर्म भरते समय नई आईडी जनरेट करने की वजह से रिजल्ट अटक रहा है। वहीं, कुछ छात्रों के इंटरनल मार्क्स कॉलेज से नहीं आए हैं। छात्रों को सफर न करना पड़े, इसके लिए चार काउंटर बनाए गए हैं। डॉ. सीएल देवांगन, कुलसचिव, दुर्ग विवि



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No arrangement in colleges, students coming from Kawardha, Bemetra and other districts to submit application-marksheet


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