नवा रायपुर में बनेगा गुरु घासीदास शोध पीठ और संग्रहालय, 10 एकड़ क्षेत्र में सहेजी जाएगी विरासत , December 18, 2020 at 10:21PM

सतनाम पंथ के संस्थापक बाबा गुरु घासीदास की जयंती पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने नई घोषणाएं की हैं। मुंगेली जिले के लालपुर में आयोजित समारोह में उन्होंने नवा रायपुर में बाबा गुरु घासीदास शोध पीठ और संग्रहालय बनाने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा, बाबा की स्मृति और समाज को दिए उनके संदेशों को चिरस्थायी बनाने के लिए यह शोध पीठ और संग्रहालय करीब 10 एकड़ क्षेत्र में बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने सतनामी समाज की श्रद्धा का केन्द्र अमरटापू में मंगल भवन निर्माण के लिए 50 लाख रुपए की स्वीकृति दी। उन्होंने कहा, अमरटापू को पर्यटन केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही ग्राम जमकोर से सूरजपुरा तक सड़क मार्ग का उन्नयन कराया जाएगा।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अनुसूचित जाति वर्ग के मेधावी विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए रायपुर में 200 सीटर छात्रावास और कोचिंग सेंटर स्थापित करने की घोषणा की। अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए ऐसी व्यवस्था पहले से है।

उन्होंने पंथी नृत्य के राज्य स्तरीय समारोह में पंथी नर्तक दलों को देवदास बंजारे की स्मृति में पुरस्कार देने की भी घोषणा की। उन्होंने कहा, पंथी नृत्य छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान है।

मुख्यमंत्री शुक्रवार को गुरु घासीदास जयंती के विभिन्न आयोजनों में शामिल हुए। उन्होंने जैतखाम की पूजा कर गुरु घासीदास की शिक्षाओं को याद किया। समाज के प्रमुख लोग इस दौरान एक साथ आए।

आयोजन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रुद्रकुमार, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, क्षेत्रीय विधायक धर्मजीत सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष थानेश्वर साहू, पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले, सांसद अरुण साव आदि मौजूद रहे।



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गुरु घासीदास, छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का अटूट हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को उनकी जयंती पर आयोजित विभिन्न आयोजनों में शामिल हुए।


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