120 करोड़ रुपए से लगेगा एथेनॉल प्लांट, 400 लोगों को मिलेगा काम , January 01, 2021 at 06:56AM

जिले के अकलतरा तहसील में एक हजार केएमएलडी क्षमता का एथेनॉल प्लांट शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए राज्य शासन के साथ जिले के श्याम वेयर हाउसिंग कंपनी ने एमओयू भी साइन कर लिया है। प्लांट स्थापित करने के लिए जगह की तलाश भी लगभग पूरी हो चुकी है। कंपनी ने नवंबर तक प्रोडक्शन शुरू करने का लक्ष्य रखा है। जिले में एथेनॉल प्लांट शुरू होने से करीब 400 लोगों को रोजगार मिलेगा।
शासन द्वारा अकलतरा के मुड़पार में 11.7 हेक्टेयर शासकीय भूमि आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। भूमि के आवंटन से पहले उद्योग, राजस्व व अन्य संबंधित विभागों द्वारा संयुक्त निरीक्षण किया जाएगा। विभागों की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित फर्म को भूमि आवंटित की जाएगी। इसके बाद प्लांट में मशीनरी आदि के कार्य शुरू होंगे। जांजगीर के अलावा साल 2021 में अन्य छह जिलों में भी इसी तरह एथेनॉल प्लांट स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इन सभी प्लांट के लिए एमओयू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। एमओयू साइन करने वालों में छत्तीसगढ़ के साथ एक ओडिशा और एक पुणे की भी कंपनी शामिल है।

उत्पादन अधिक... इसलिए जिले में प्लांट को मंजूरी
जांजगीर चांपा समेत इसके लिए बालोद, दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर, बलौदाबाजार में धान से एथेनॉल बनाने प्लांट लगाया जाएगा, क्योंकि इन जिलों में धान का उत्पादन अधिक होता है। साथ ही इन जिलों में ज्यादा क्षमता वाले भंडार गृह भी हैं। इसके लिए निवेशकों को उद्योग नीति के अलावा बिस्पोक पॉलिसी के तहत रियायतें भी सरकार द्वारा दी जा रही है।

प्लांट में धान के अलावा गन्ने से भी होगा एथेनॉल का निर्माण, मिलेगा रोजगार
एथेनॉल अल्कोहल है, इसे एथिल अल्कोहल भी कहा जाता है। छत्तीसगढ़ सरकार से मिलने वाले धान की मिलिंग कर प्लांट में चावल को सड़ाया जाएगा। इसके बाद संयंत्रों में प्रोसेसिंग के जरिए एथेनॉल तैयार किया जाएगा। धान के अलावा प्रदेश में एथेनॉल गन्ने से भी बनाया जा रहा है। चूंकि प्रदेश में धान की पैदावार ज्यादा होती है। इसलिए ऐसे प्लांट लगाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए अकलतरा तहसील में इस प्रकार के प्लांट को लगाने का काम शुरू किया गया है। इससे क्षेत्रवासियों को रोजगार मिलेगा।

54 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से होगी खरीदारी
पेट्रोलियम कंपनी छग सरकार से 54 रुपए प्रति लीटर के हिसाब से एथेनॉल खरीदेगी। एथेनॉल का उपयोग पेंट, वारनिस, पॉलिश, क्लोफॉर्म, इत्र समेत अन्य रसायनिक द्रव्य बनाने में होगा, वहीं प्रयोगशाला में मिश्रण के लिए भी इसका उपयोग होगा। ईंधन में 10% एथेनॉल मिश्रण करना जरूरी किया गया है, इसलिए यहां तैयार एथेनॉल को पेट्रोलियम कंपनियां भी खरीदेंगी।

2021 तक 20% एथेनॉल उत्पादन का लक्ष्य
श्याम वेयर हाउसिंग के संचालक ने बताया कि अभी छत्तीसगढ़ में सिर्फ 7 प्रतिशत एथेनॉल का उत्पादन हो रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार ने साल 2021 तक 20 प्रतिशत एथेनॉल उत्पादन का लक्ष्य रखा है। जांजगीर में एथेनॉल बनाने के लिए सरकार श्याम वेयर हाउसिंग को पर्याप्त धान की आपूर्ति कराएगी और इससे तैयार एथेनॉल वे सरकार को देंगे।

संयुक्त निरीक्षण कर रिपोर्ट भेजेंगे
"एमओयू के बाद भूमि आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। अकलतरा तहसील के मुड़पार में प्लांट के लिए 11.7 हेक्टेयर शासकीय भूमि आंवटन से पहले संयुक्त निरीक्षण करना है। निरीक्षण के बाद संबंधित विभागों की रिपोर्ट के आधार पर आंवटन की प्रक्रिया होगी।''
-सुनील चंद्र राही, जीएम डीआईसी

नवंबर तक प्रोडक्शन का लक्ष्य
"प्लांट के लिए कुछ पेपर वर्क शेष है। हमने नवंबर तक प्लांट शुरू करने लक्ष्य रखा है। इसके लिए जमीन की प्रक्रिया जारी है। इस प्लांट में धान से एथेनॉल बनाया जाएगा। इसे पेट्रोलियम कंपनियों को सप्लाई किया जाएगा। इस प्लांट में चार सौ कर्मचारियों का सेटअप होगा।''
-अमर सुल्तानिया, श्याम वेयर हाउसिंग



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