पिछले ढाई साल में ब्रांडिंग पर 1.60 करोड़ खर्च फिर भी जगह-जगह टूटे पैनल , December 25, 2020 at 05:28AM

मोर रायपुर ब्रांड को स्थापित करने के लिए स्मार्ट सिटी ने इसके डिजाइन और ब्रांडिंग यानी प्रचार-प्रसार में पिछले ढाई साल में लगभग पौने दो करोड़ रुपए खर्च कर डाले हैं। लेकिन इतने खर्च के बावजूद स्मार्ट सिटी अपने इन ब्रांडिंग पैनल्स को बचा नहीं पाया है। यहां तक कि स्मार्ट सिटी के दफ्तर के सामने बूढ़ातालाब में लगे 25 लाख रुपए के पैनल को भी मेंटेन नहीं किया जा सका और इसमें टूट-फूट हो गई है। अभी बूढ़ातालाब में 40 करोड़ रुपए का रीडेवलपमेंट का काम शुरू हुआ है। इसका डिजाइन कुछ ऐसा है कि यहां मोर रायपुर का पैनल उखाड़ना पड़ जाएगा। यही नहीं, तेलीबांधा तालाब में लगे बड़े पैनल की भी ऐसी अनदेखी हुई है कि एक जमान में सेल्फी प्वाइंट के रूप में मशहूर हो चुका यह पैनल भी जगह-जगह से टूट रहा है और बच्चों के लिए खिलौना बन गया है।

ब्रांडिंग पैनलों पर हुआ खर्च

  • दो बड़े पैनल - 50 लाख
  • छोटे पैनल (12) - 8.40 लाख
  • मीडियम पैनल (3) - 2. 40 लाख

छोटे पैनल हुए बर्बाद
शहर की मुख्य इमारतों में लगाए मोर रायपुर के छोटे पैनल भी फीके पड़ गए हैं। व्हाइट हाउस निगम मुख्यालय में पूरे स्मार्ट सिटी अमले का रोजाना आना जाना होता है। लेकिन बदरंग हो चुका पैनल किसी को नजर नहीं आ रहा है। मोर रायपुर थीम को स्थापित करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी बड़ा अभियान चलाया गया। हालांकि ये फ्री ऑफ कॉस्ट था।
लोगो का डिजाइन इस तरह
स्मार्ट सिटी की स्पिरिट या थीम कहलाने वाले मोर रायपुर लोगो को स्मार्ट सिटी से जुड़े निगम के इंजीनियरों ने ही डिजाइन किया है। इसमें रायपुर के पी अक्षर के भीतर विवेकानंद की छवि और रायपुर में लगे अंग्रेजी शब्द आर को घड़ी चौक का क्लॉक टॉवर बनाया गया है। मोर रायपुर गीत को करीब साढ़े पांच लाख रुपए में मशहूर गायक जावेद अली से गवाया गया था।

दो तालाबों - बूढ़ातालाब व तेलीबांधा में मोर रायपुर की ब्रांडिंग के लिए दो बड़े पैनल लगाए गए हैं। इन्हें लगाने और आसपास ब्यूटीफिकेशन में कुल 50 लाख रुपए खर्च किए गए हैं।

कई सरकारी दफ्तरों में एंट्री-एक्जिट प्वांइटों पर मोर रायपुर के 8 बाई 4 साइज के दर्जनभर से ज्यादा छोटे आकार के पैनल लगाए गए। ये पैनल भी 70-70 हजार रुपए के हैं।

मोर रायपुर के शहर में 3 और जगह थोड़े बड़े साइज के पैनल लगे हैं। इनपर एक-एक लाख रुपए खर्च हुए हैं। इस तरह, दो बड़े और दर्जनभर छोटे पैनल मिलाकर 60 लाख खर्च हुए हैं।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
1.60 crore spent on branding in the last two and a half years, yet broken panels everywhere


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3mKTXxD

0 komentar