वैक्सीन के लिए 1764 सेंटर, 1200 स्वास्थ्य कर्मियों को पहले लगेगा , December 11, 2020 at 04:00AM

देश में कोरोना वैक्सीन की अब उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। आने वाले महीनों में संभावना है कि वैक्सीन आ जाए। इसे लेकर जिला स्तर पर तैयारियां चह रही हैं। बुधवार को प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि प्रदेशभर में मतदान केन्द्रों की तर्ज पर वैक्सीनेशन सेंटर बनाया जाएगा। यदि इस स्तर पर वैक्सीनेशन का काम नहीं भी होता है तो जिले में 1 हजार 764 केन्द्र हैं जहां नियमित टीकाकरण का काम होता है। जिले के 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र व जिला अस्पताल में भी नियमित टीकाकरण का काम चलता है। इन टीकाकरण केन्द्रों में से कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत हो सकती है।
जिले भर में 1200 स्वास्थ्य कर्मी ऐसे हैं जो कोरोना संक्रमण की रोकथाम व उपचार में जुटे हुए हैं। स्वास्थ्य कर्मचारियों के बाद टीका के लिए किसका नंबर आएगा यह अभी तय नहीं हो पाया है। कोविड वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग के लिए अबतक देश में तीन कंपनियां- फाइजर इंडिया, भारत बायोटेक और सीरम इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया ने आवेदन दिया है।

21 जगहों पर वैक्सीन भंडारण की व्यवस्था
जिले में सामान्य वैक्सीन के भंडारण की व्यवस्था 21 जगहों पर है। जिला अस्पताल का वैक्सीन सीएमएचओ कार्यालय में लगे बड़े फ्रीज में रखा जाता है। इसके अलावा सिविल अस्पताल में भी बड़ा फ्रीज है। जिले के सभी 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के साथ कई बड़े प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र जैसे सन्ना, पंडरापाठ, कुर्रोग, बागबहार, सुरंगपानी, तमता, कोतबा आदि इलाकों में भी वैक्सीन भंडारण की व्यवस्था है। यदि कोरोना का वैक्सीन आता है तो उसके लिए अगल व्यवस्था की जाएगी या इन्हीं भंडारण कक्ष में रखा जाएगा इस संबंध में अबतक कोई गाइडलाइन जारी नहीं हुआ है।

वैक्सीन आएगा इसपर निर्भर करेगा भंडारण व्यवस्था
टीकाकरण के नाेडल अधिकारी व कोरोना के सर्विलेंस ऑफिसर डॉ.आरएस पैंकरा ने कहा कि वैक्सीन के भंडारण के लिए नई तैयारी करनी होगी या पुराने भंडारण में इसे रखा जा सकता है, यह अबतक तय नहीं हुआ है। राज्य से इसके लिए गाइडलाइन तय किए जाएंगे। भंडारण की व्यवस्था इस बात पर निर्भर करेगी कि जिले में कौन का वैक्सीन आएगा। कुछ वैक्सीन ऐसे हैं जिन्हें सुरक्षित रखने के लिए माइनस डिग्री तापमान की जरूरत होती है और कुछ को 80 तक भी सुरक्षित रखा जा सकता है। यदि माइनस डिग्री वाला वैक्सीन या अलग-अलग वैक्सीन आते हैं तो निश्चित तौर पर भंडारण की नई व्यवस्था बनाने की जरूरत पड़ेगी।

सामान्य वैक्सीन को 2 से 80 तापमान पर रखते हैं
अभी टीकाकरण के लिए आने वाले सभी तरह की वैक्सीन को 2 से 8 डिग्री तापमान पर सुरक्षित रखा जाता है। सभी भंडारण कक्षों में इसी तापमान पर फ्रीज में वैक्सीन रखे जाते हैं। वैक्सीन बॉक्स में भी यही तापमान रहता है। कोविड के भी कुछ वैक्सीन ऐसे बने हैं जो 2 से 8 डिग्री पर रखे सुरक्षित रखे जा सकते हैं।
पोलियो अभियान जैसा चल सकता है वैक्सीनेशन
स्वास्थ्य विभाग के जानकारों की मानें तो बूथ स्तर पर वैक्सीनेशन यानी पोलियो ड्रॉप पिलाने के अभियान जैसा ही कोरोना वैक्सीनेशन का काम चलाया जा सकता है। यदि इस व्यवस्था पर वैक्सीनेशन होता है तो पोलिंब बूथ व दल विभाग के पास पहले से मौजूद हैं। इन्हें सिर्फ ट्रेनिंग की जरूरत पड़ेगी। जिले में 1-4 के दल द्वारा पोलियो की दवा बच्चों को पिलाई जाती है। इसके लिए 1100 से ज्यादा बूथ हैं।

स्वास्थ्य कर्मियों की 2 दिवसीय ट्रेनिंग आज से
वैक्सीनेशन को लेकर दो दिवसीय ट्रेनिंग प्रदेश स्तर पर आज से शुरू होगी। जिसमें सभी जिलों के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में वैक्सीनेशन के लिए तैयारियों के साथ अन्य आवश्यक दिशा-निर्देश जिलों को मिलेंगे।



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