दो दिन में ही 70 हजार किसानों ने बेचा धान, राज्य की सीमाओं पर चौकसी तेज , December 03, 2020 at 06:09AM

धान खरीदी के महापर्व की शुरुआत के दो दिनों के भीतर प्रदेशभर के 70 हजार किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपने फसल बेचे हैं। किसानों ने कुल 2 लाख 29 हजार 675 टन धान की बिक्री की है। सबसे ज्यादा धान खरीदी महासमुंद जिले में हुई है। जहां पर 25 हजार 68 टन धान की आवक हुई है। राज्य के किसानों को नुकसान न हो इसलिए राज्य की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई है। अकेले कबीरधाम जिले में ही अवैध धान का परिवहन रोकने 22 चेक पोस्ट बनाए गए हैं। कवर्धा की तरह बिलासपुर जिले के कलेक्टर व एसपी भी सीमाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

सीएम भूपेश ने कहा- केंद्र का कृषि कानून पिछले दरवाजे से थोपा गया
दो दिन के दौरे पर दिल्ली जाने से पहले सीएम बघेल ने दिल्ली में किसानों के आंदोलन को लेकर मोदी सरकार पर जमकर हमला किया। पत्रकारों से बातचीत में कहा कि संगठन के विस्तार के लिए वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक करना जरूरी था। संगठन को मजबूत करने और आगामी कार्यक्रमों के लिए रणनीति बनाई गई है। केन्द्र सरकार के कृषि कानून के विरोध में उतरे किसानों के प्रदर्शन पर सीएम भूपेश ने कहा कि यह कानून किसानों के लिए नहीं बल्कि पूंजीपतियों के लिए है। कानून की मांग न किसी राजनीतिक दल ने की थी न ही किसी किसान संगठन ने इसके बाद भी पिछले दरवाजे से इसे थोप दिया गया है। यही वजह है कि इसके विरोध में किसान और आम जनता सड़क पर उतर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब, हरियाणा, यूपी, महाराष्ट्र में इस कानून का विरोध के बाद यह आंदोलन अब राष्ट्रव्यापी हो चुका है। सीएम ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के लिए किसानों का हित सर्वोपरि है। किसान न्याय योजना के तहत धान खरीदी जारी है। सीएम ने कहा कि निगम-मंडल और आयोगों के लिए नाम तय करने जल्द ही बैठक होगी। नाम तय कर सूची पार्टी आलाकमान को भेजी जाएगी वहां से सूची अप्रूव होने के बाद नाम घोषित किए जाएंगे। सीएम ने कहा कि कोशिश है कि कोरोना टेस्ट की संख्या लगातार बढ़े और आंकड़े कम हों।

सरप्लस धान से एथनॉल उत्पादन के लिए मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी से मांगी अनुमति
सीएम बघेल ने पीएम नरेंद्र मोदी से सरप्लस धान से एथनॉल उत्पादन के लिए अनुमति देने का अनुरोध किया है। प्रदेश के पास हर साल करीब 6 लाख टन धान शेष रह जाता है। पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्तमान में भारतीय खाद्य निगम में उपलब्ध सरप्लस चावल से एथनॉल उत्पादन के लिए विक्रय की अनुमति दी गई है। राज्य की नई औद्योगिक नीति में जैव ईंधन उच्च प्राथमिकता उद्योगों की सूची में शामिल है। इसके लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज घोषित किया गया है। बायो एथनॉल संयंत्र स्थापना के लिए चार निजी निवेशकों के साथ एमओयू भी किया गया है। बायो-एथनॉल उत्पादन के क्षेत्र में निवेशकों को आकृष्ट करने के लिए राज्य सरकारों की भूमिका महत्वपूर्ण है। सितम्बर 2020 में 04 निजी निवेशकों के साथ राज्य में बायो-एथनॉल संयंत्र की स्थापना के लिए एमओयू भी किया गया, जिससे राज्य में आगामी वर्ष से प्रतिवर्ष 12 करोड़ लीटर से अधिक एथनॉल उत्पादन होगा, जिसमें लगभग 3 लाख 50 हजार टन अतिशेष धान की खपत होगी। इस उत्पादन क्षमता के उपयोग के लिए अतिशेष धान से एथनॉल उत्पादन हेतु केन्द्र शासन की अनुमति जरूरी है।

दिल्ली जाने के लिए समय है पर किसानों की पीड़ा सुनने के लिए नहीं है: भाजपा
भाजपा ने मुख्यमंत्री के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने बघेल को किसान विरोधी नेता बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार पर संवादहीनता का आरोप लगाने से उन्हें अपनी गिरेबां में झांक लेना चाहिए। प्रदेशभर में गिरदावरी में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और प्रदेश सरकार द्वारा रकबा कम करने के षड्यंत्र के विरोध में प्रदेश के किसान लगातार आंदोलन धरना प्रदर्शन कर रहे हैं, क्या उन किसानों की सुध लेना और संवाद करना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी नहीं हैं? लेकिन एेसा नहीं कर रहे। मुख्यमंत्री के पास दिल्ली जा कर आलाकमान को खुश करने के लिए समय हैं पर इस प्रदेश के किसानों की खुशहाली के लिए उनसे संवाद कर उनकी पीड़ा सुनने का समय नहीं हैं। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामबिहारी जायसवाल ने धान ख़रीदी के लिए सोमवार से शुक्रवार तक की समयावधि निर्धारित करने पर कहा कि सरकार का यह निर्णय किसानों की परेशानी ही बढ़ाएगा। यह निर्णय किसान विरोधी है और प्रदेश सरकार एक बार फिर इरादतन किसानों का पूरा धान ख़रीदने से बचने के साजिशाना हथकंडों पर आमादा नज़र आ रही है।



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मैनपुर से 3 किमी दूर नेशनल हाईवे 130-सी मैनपुर (गरियाबंद-रायपुर मार्ग) पर बुधवार को सुबह 11 बजे से गोपालपुर, दबनई, देहारगुड़़ा पंचायत क्षेत्र के सैकड़ों किसानों ने सपरिवार गौरघाट में धान खरीदी केंद्र खोलने की मांग को लेकर 8 घंटे तक चक्काजाम कर दिया। इस बीच उन्हें मनाने के अफसरों ने दौर चलाए पर वे मानने को तैयार नहीं थे। दो दिन से किसानों ने धान भी नहीं बेचा है। शाम 7 बजे उन्हें एडीएम जेआर चौरसिया ने आश्वस्त किया कि इनकी बात शासन तक पहुंचा दी गई है, आदेश मिलते ही गौरघाट में केंद्र खोल दिया जाएगा, तब जाकर किसान माने।


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