बिलासपुर के व्यापारी ने समुद्री मछली मंगवाने का ऑर्डर दिया, वह मिली नहीं और ठग लिए 70 हजार रुपए , December 22, 2020 at 01:34PM

छत्तीसगढ़ में बिलासपुर के थोक मछली व्यापारी से 70 हजार रुपए की ठगी हो गई। व्यापारी ने समुद्री मछली मंगवाने के लिए पश्चिम बंगाल के एक व्यवसायी को ऑर्डर दिया था। पहले 30 हजार रुपए एडवांस पेमेंट मांगा, फिर मछली के पार्सल को खड़गपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने का झांसा देकर किश्तों में बाकी रुपए भी ले लिए। पार्सल नहीं मिलने पर जब व्यापारी ने संपर्क किया तो ठगों का नंबर स्विच ऑफ हो गया। मामला सिटी कोतवाली क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, श्याम टॉकीज के पीछे रहने वाले राजेश गौर शनिचरी मार्केट में मछली का थोक व्यवसाय करते हैं। इसको लेकर उनकी अन्य राज्यों के भी व्यापारियों से बात होती रहती है। करीब दो माह पहले उनका संपर्क पश्चिम बंगाल के हावड़ा में टी कृष्णा अयप्पा नाम के व्यक्ति से मोबाइल पर संपर्क हुआ। इस बीच दोनों में अक्सर बात होती रहती थी। राजेश ने समुद्री मछली के लिए अयप्पा से बात की तो उसने कहा कि वह इसका व्यवसाय नहीं करता है।

दूसरी कंपनी के आदमी का नंबर देकर संपर्क करने को कहा
अयप्पा ने समुद्री मछली के लिए आरएम बने उर्फ रामप्रसाद उर्फ राजू (RM फिश कंपनी) से सम्पर्क करने के लिए कहा और 6 दिसंबर को उसका मोबाइल नंबर दिया। उसी दिन राजेश की RM से मछली बिलासपुर भेजने के लिए मोबाइल पर बात हुई। अगले दिन RM ने 30 हजार रुपए एडवांस पेमेंट मांगे और 8 दिसंबर तक मछली का पार्सल भेजने की बात कही। इस पर राजेश ने उसके बताए PNB के खाते में रकम जमा कर दी।

एजेंट का नंबर दिया और पार्सल पहुंचना भी कन्फर्म कराया
आरोप है कि 8 दिसंबर को RM ने कॉल किया और बताया कि 133240 रुपए की मछली भेज रहा है। पार्सल खड़गपुर स्टेशन पर पहुंच गया है। वॉट्सऐप पर सारा हिसाब भेजा और एजेंट जावेद खान का नंबर दिया। जावेद से बात हुई तो उसने पार्सल के स्टेशन आने की पुष्टि की। इसके बाद 40 हजार रुपए और मांगे। जिसे राजेश ने दो किस्तों 25000 व 15000 रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद से राजेश लगातार आरोपियों से संपर्क करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन नहीं हो पा सका है।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
छत्तीसगढ़ में बिलासपुर के थोक मछली व्यापारी को समुद्री मछली बेचने का झांसा देकर 70 हजार रुपए ठग लिए। -प्रतीकात्मक फोटो।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3p8ezBw

0 komentar