ब्रिटेन से लौटे 9 लोगों का मोबाइल बंद था, ढूंढकर जांच करवाई तो दो निकले पॉजिटिव , December 30, 2020 at 06:38AM

यूके से लौटने के बाद राजधानी के 9 लोगों ने मोबाइल फोन बंद कर दिया था। स्वास्थ्य विभाग उन्हें ट्रेस भी नहीं कर पा रहा था। यही नहीं इनमें से कुछ लोग महाराष्ट्र व अंबिकापुर घूमने चले गए थे। इन लोगों को किसी तरह ट्रेस किया गया और मंगलवार को सैंपल लेकर जांच की गई, तो दो लोग पॉजिटिव निकल गए। उनके संपर्क में आए 20 से ज्यादा लोगों की खोजबीन की जा रही है। पॉजिटिव लोगों का वायरस नया स्ट्रेन का है या नहीं, इसकी जांच के लिए सैंपल नेशनल वायरोलॉजी लैब पुणे भेजे जाएंगे। प्रदेश में इन दो लोगों को मिलाकर इंग्लैंड से लौटनेवालों में 6 लोग पॉजिटिव मिल चुके हैं।

राजधानी में 9 दिसंबर के बाद इंग्लैंड से 25 लोग लौटे हैं। इनमें 9 लोगों का सैंपल नहीं मिल पा रहा था, क्योंकि उनका मोबाइल नंबर लगातार बंद आ रहा था। स्वास्थ्य विभाग मामले को पुलिस में देने की योजना भी बना रहा था। लेकिन बाहर गए ये लोग लौट आए और मिल गए। इनकी पहचान के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सभी के सैंपल की जांच करवाई। इनमें से दो लोग पाजिटिव निकल गए। हालांकि सभी को एहतियातन आइसोलेशन में भेज दिया गया। यह स्पष्ट हो चुका है कि वायरस का नया स्ट्रेन तेजी से फैलता है। ऐसे में एक के पॉजिटिव आने के बाद दूसरे लोगों के संक्रमण का खतरा बना हुआ है।

कई लोगों के संपर्क में आए
दो लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग इसलिए बेचैन हैं क्योंकि ये लोग रायपुर आकर घूमने भी चले गए थे। उनके संपर्क में परिजनों के अलावा दूसरे लोग भी आए हैं, जिसे ट्रेस करना आसान नहीं है। गौरतलब है कि यूके से लौटे दुर्ग के तीन व बिलासपुर के एक व्यक्ति का सैंपल 25 दिसंबर को पॉजिटिव आया था। इसके बाद मंगलवार को दूसरा मामला सामने आया है। राजधानी में भी यूके से लौटने वाली युवतियों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य विभाग लोगों को खास अलर्ट बरतने काे कह रहा है।

इस महीने नया ट्रेंड : जिस दिन भर्ती उसी दिन मृत्यु... बढ़ रहे हैं ऐसे मामले
कोरोना जांच में देरी जान पर भारी पड़ रही है। नवंबर दिसंबर के माह में कोरोना मौत का नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। हेल्थ विभाग के डाटा सेंटर के विश्लेषण के मुताबिक इन दिनों ऐसी मौतों के मामले बढ़ रहे हैं, जिसमें मरीज इलाज के जिस दिन भर्ती हो रहे हैं उसी दिन उनकी मौत हो रही है। प्रदेश में अब तक हुई मौतों में तकरीबन 300 मरीज ऐसे थे, जिन्होंने भर्ती वाले दिन ही दम तोड़ दिया। हालांकि इनमें से अधिकतर मरीज गंभीर बीमारी से ग्रसित थे। इनकी उम्र 40 से 70 साल के बीच की है। प्रदेश मीडिया इंचार्ज डा. सुभाष पांडे के अनुसार ऐसे मामलों का बढ़ना चेतावनी की तरह है। इस नए ट्रेंड को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि ज्यादातर लोग कोरोना जांच से पीछे हट रहे हैं। खांसी-बुखार जैसे लक्षण होने पर भी कोरोना टेस्ट नहीं करवा रहे हैं। ऐसे में इलाज देर से हो रहा है और फिर इन्हें बचाया नहीं जा पा रहा है। डेथ ऑडिट के मुताबिक प्रदेश में अब मौत के करीब 33 सौ मामलो में से 10 से 15 फीसदी हिस्सा ऐसी मौतों का है। हेल्थ विभाग लगातार अलर्ट जारी कर रहा है कि कोरोना जैसे लक्षण होने पर 24 घंटे के अंदर जांच जरूर करवाएं।

"इंग्लैंड से लौटे जिन 9 लोगों का फोन लगातार बंद था, वे मिल गए हैं। जिन 2 लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है, उनके सैंपल नेशनल वायरोलॉजी लैब पुणे भेजे जा रहे हैं। वहीं से पता चलेगा कि इनका वायरस पुराना है या नए स्ट्रेन का।"
-डॉ. मीरा बघेल, सीएमएचओ रायपुर



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फाइल फोटो।


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