बाजार बंद कराने की अपील करने सड़क पर उतरे कांग्रेस विधायक, व्यापारिक संगठनों का भी मिला समर्थन , December 07, 2020 at 07:53PM

केंद्र सरकार के तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली के बाहर प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में मंगलवार को छत्तीसगढ़ बंद रहेगा। सत्ताधारी कांग्रेस सहित कई राजनीतिक दलों ने किसानों के भारत बंद का समर्थन किया है।

सोमवार शाम कांग्रेस विधायक और संसदीय सचिव विकास उपाध्याय के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने मुख्य बाजारों में उतरकर व्यापारियों से बाजार बंद रखने की अपील की।

विकास उपाध्याय ने कहा, कल भारत बंद के दौरान वे अपने हजारों साथियों के साथ किसानों के समर्थन में रोड पर उतरकर आम जनता से तीन कृषि कानूनों के दुष्परिणाम के बारे में चर्चा कर बताएंगे कि यह शहरी क्षेत्र के लोगों के साथ कैसे जुड़ेगी।

उन्होंने किसानों के इस मांग का समर्थन किया है कि नये कृषि कानून हर हाल में वापस होने चाहिए। इसकी वजह से किसानों को अपना अनाज औने-पौने दाम में बेचना होगा और न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था समाप्त हो जायेगी।

विकास उपाध्याय ने कहा वह तो भूपेश सरकार किसानों कि हितैषी है जो कर्ज लेकर समर्थन मूल्य पर छत्तीसगढ़ में धान की खरीदी कर रही है,परन्तु देश के अन्य राज्य केन्द्र के हिसाब से चलने मजबूर है,इसलिए इन कानूनों को वापस लेना ही होगा।

विकास उपाध्याय ने बताया अब तक 18 राजनैतिक पार्टियों ने किसानों का समर्थन देकर बता दिया है कि कृषि कानून मोदी सरकार की जबरन में थोपी गई किसानों के विरुद्ध एक षडयंत्र है जो उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए लाया गया है।

छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स ने भी किसानों के समर्थन में भारत बंद में शामिल होने को हामी भर दी है। दोपहर बाद हुई एक वर्चुअल बैठक में इसका फैसला हुआ। छत्तीसगढ़ चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष जितेंद्र बरलोटा ने बताया, चैम्बर ने मंगलवार को दोपहर बाद दो बजे तक व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद कर किसानों के भारत बंद को अपना समर्थन देने का निर्णय लिया है। इस दौरान भी आवश्यक वस्तुओं, दवा दुकानों और आपातकालीन सेवाओं को जारी रखा जाएगा।

चैम्बर ऑफ कॉमर्स की बैठक में कई व्यापारियों ने शादी-विवाह के मौसम में बंद को से भारी नुकसान की आशंका जताई। ऐसे में संगठन ने बीच का रास्ता निकालते हुए दोपहर 2 बजे तक बंद रखने का फैसला किया।

किसान संगठन भी सक्रिय

छत्तीसगढ़ में काम कर रहे दो दर्जन से अधिक किसान और नागरिक संगठनों ने भी बंद के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश शुरू की है।

अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राज्य सचिव तेजराम विद्रोही ने बताया, सोमवार को उन लोगों ने व्यापारियों और उनके संगठनों से मिलकर समर्थन मांगा है। मंगलवार को संगठनों के कार्यकर्ता रैली निकालेंगे और छोटी सभाएं कर एकजुटता दिखाने की कोशिश करेंगे।



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कांग्रेस शुरू से ही केंद्र सरकार के कृषि संबंधी कानूनों का विरोध कर रही है।


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