दो टोली में बंटे हाथी, हाईवे के दोनों ओर गांव में डाला डेरा , December 11, 2020 at 04:00AM

नरहरपुर के जंगल से वापस लौट रहे हाथी बीतीरात दो अलग अलग टोली में बंट गए। जिसमें एक टोली लखनपुरी कानापोड़ के निकट से नेशनल हाईवे क्रास कर गिधाली चपेली के जंगल तक पहुंच गई। जबकि दूसरी टोली अभी भी नेशनल हाईवे के दूसरी तरफ पलेवा के जंगल में है। हाथियों की स्थिति को देखते हुए दोनों जगहों पर वन विभाग का अमला उनकी सुरक्षा में साथ साथ चल रहा है।
नरहरपुर से पलेवा आने के बाद हाथी आगे शाम को आगे बढऩे लगे थे। जिसे देखते हुए लखनपुरी व आसपास के इलाके में वन विभाग ने मुनादी कर लोगों को सचेत रहने कहा था। साथ ही हाथियों से छेड़ छाड़ या पटाखा नहीं फोडऩे की भी अपील की थी। इधर पलेवा से आगे बढ़ते हुए 13 हाथियों का दल बुधवार 9 दिसंबर की रात 12 बजे नेशनल हाईवे क्रास किया। आगे बढ़ते हुए रतेडीह के चपेली के जंगल में पहुंचा। रात में आगे बढऩे के दौरान हाथी ग्राम बड़कच्छार बस्ती में घुसे। यहां तीन किसानों के घर व बाड़ी में रखी धान की कटी फसल को नुकसान पहुंचाया। कुछ धान को खाया और बाकी को फेंक कर आगे बढ़ गए। गुरूवार दोपहर तक वे रतेडीह व चपेली के जंगल में डेरा डाले हुए थे। जिनके द्वारा रात में आगे बढ़ते हुए बालोद जिले में प्रवेश करने की संभावना है।
नेशनल हाईवे के इस पार के हाथी दोपहर तक पलेवा के जंगल में ही थी। संभावना है ये हाथी रात में आगे बढ़ते हुए नेशनल हाईवे क्रास करेंगे। चारामा रेंजर सियाराम सिंग ने बताया दोनों जगह पर अमला तैनात है। हाथियों पर पूरे समय नजर बनाए हुए है। जिन किसानों का नुकसान हुआ है उसकी भरपाई के लिए मुआवजा प्रकरण बनाया जा रहा है।



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