केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ रायपुर में क्रमिक अनशन शुरू, पहले दिन पांच किसान नेताओं ने रखा उपवास , December 14, 2020 at 04:50PM

छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार के विवादित कृषि संबंधी कानूनों का विरोध जारी है। तीनों कानूनों को वापस लेने की मांग को लेकर दिल्ली को घेरकर बैठे किसानों के समर्थन में छत्तीसगढ़ किसान-मजदूर महासंघ ने सोमवार से राजधानी में क्रमिक अनशन शुरू कर दिया।

रायपुर के बूढ़ा तालाब स्थित धरना स्थल पर सोमवार को क्रमिक अनशन के पहले दिन डॉक्टर संकेत ठाकुर, विश्वजीत हारोडे, लक्ष्मी नारायण चन्द्राकर, लता शर्मा और सौरा यादव अनशन पर पर बैठे। इस दौरान वहां एक सभा भी आयोजित हुई। किसान महासंघ के संयोजक मंडल सदस्य व कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर संकेत ठाकुर ने कहा कि दिल्ली में हो रहे किसान आंदोलन की आंच अब छत्तीसगढ़ के कोने-कोने में फैल रही है। अनशन और भूख हड़ताल का सिलसिला अब ब्लाक स्तर पर फैलेगा।

लक्ष्मी नारायण चन्द्राकर ने कहा, अब छत्तीसगढ़ के किसान भी समझ गए हैं कि तीनों नये कृषि कानून भविष्य में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी धान खरीदी को रोक देंगे। इसीलिए जब तक ये कानून रद्द नहीं होंगे किसान आंदोलन फैलता जाएगा। सौरा यादव ने कहा, कथित कृषि सुधार के नाम पर केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा कॉर्पोरेट घरानों के हित मे किसान, कृषि और आम उपभोक्ता विरोधी कानून को गैर लोकतांत्रिक तरीके से पारित कराया है। इसके लिए अध्यादेश लाये जाने के समय से ही विरोध किया जा रहा है। लेकिन केन्द्र की मोदी सरकार ने इसे विपक्षी पार्टियों द्वारा फैलाया जा रहा भ्रम बता कर किसान आंदोलन को हल्के में लिया है। परिणाम स्वरूप दिल्ली में आज दिल्ली में देशव्यापी किसान आंदोलन आगे बढ़ रहा है।

समर्थन देने पहुंचे लोग

छत्तीसगढ़ किसान-मजदूर महासंघ के क्रमिक अनशन को को समर्थन देने बहुत से लोग धरना स्थल पहुंचे। इनमें समाजवादी नेता मनमोहन सिंह सैलानी, उमाप्रकाश ओझा, लक्ष्मी कांत अग्रवाल, प्रिय हारोडे, पवन सक्सेना, जीवेश चौबे, एमएम हैदरी आदि प्रमुख रूप से शामिल थे। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति एवं दिल्ली में आंदोलनरत किसानों के आह्वान पर छत्तीसगढ़ के कई जिलों और शहरों में उपवास और अनशन शुरू हुआ है। बिलासपुर, जगदलपुर, रायगढ़ आदि में भूख हड़ताल कर विरोध प्रदर्शन की सूचना है।

बारी-बारी से करेंगे उपवास

छत्तीसगढ़ किसान-मजदूर महासंघ के नेताओं की रविवार देर रात हुई वर्चुअल बैठक में इस आंदोलन की रूपरेखा तय हुई। महासंघ के रूपन चंद्राकर और तेजराम विद्रोही ने बताया, योजना है कि प्रतिदिन कुछ नेता दिनभर के उपवास पर रहेंगे। इस दौरान किसानों की मांगों के समर्थन में सभाएं जारी रहेंगी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार के तीनों कृषि संबंधी कानूनों का लंबे समय से विरोध चल रहा है। अब किसान-मजदूर महासंघ ने क्रमिक अनशन शुरू किया है।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3nhyOwb

0 komentar