पति की मौत के बाद ससुराल से निकाला, सोशल मीडिया ने मिलाया, मंदसौर के युवक ने थामा भिलाई की बेटी का हाथ , December 18, 2020 at 06:00AM

आमतौर पर जब किसी विधवा महिला का पुनर्विवाह होता है तो जय माला पहनाकर या फिर चूड़ियां पहनाकर छोटी सी परंपरा निभाने की रस्म निभा देते हैं, लेकिन पिछले दिनों सेक्टर-2, सड़क-15, मकान नंबर 26 ए में एक विधवा महिला की शादी हुई। वह भी काफी धूमधाम से, इसमें तेलमाटी, चुलमाटी, देवतला समेत शादी की सारी रस्मों निभाई गईं। मंदसौर के युवा मंदसौर जिले के पिपलिया मंडी, शिक्षक कॉलोनी निवासी कैटरिंग व्यवसायी सुनील कुमार, भेरूलाल गुप्ता ने ट्विनसिटी की बेटी चंद्रकिरण यादव का हाथ थामा।

ट्विनसिटी में हुई किरण और सुनील की शादी
सुनील कुमार की चंद्रकिरण की भाभी अंजना यादव से सोशल मीडिया पर मित्रता हुई। इसमें जब अंजना ने उसकी त्रासदी के बारे में जानकारी डाली तो सुनील कुमार की रुचि बढ़ी। किरण के भाई प्रमोद यादव ने बताया कि सुनील कहा करते थे कि मेरी उम्र हो गई है। अब शादी क्या करूंगा। वहीं किरण भी तैयार नहीं थी। दोनों को अंजना ने समझाया।

ब्रेन ट्यूमर से हो गई थी पहले पति की मौत
चंद्रकिरण की पहली शादी 27 अप्रैल 2016 को बिलासपुर में हुई थी। शादी के दो महीने बाद भी पति को ब्रेन ट्यूमर होने की जानकारी मिली। शादी को 13 महीने ही हुए थे कि पहले पति की मौत हो गई। पूर्व पति की मौत के 13वें दिन ही उसे ससुराल वालों ने घर से निकाल दिया। इसके बाद वह वापस आकर अपने मातापिता और भैया-भाभी के साथ ही रहने लगी। एक प्राइमरी स्कूल में पढ़ाने लगी। चंद्रकिरण की भाभी ने सोशल मीडिया में ननद के विधवा होने की जानकारी सोशल मीडिया में दी।

हल्दी लगाने कोई तैयार नहीं था, तो शांता आई आगे
विधवा होने की वजह से किरण को कोई हल्दी लगाने के लिए आगे नहीं आ रहा था। घर में भी जब परिजनों से बात की तो उन्होंने पुनर्विवाह में हल्दी लगाने की रस्म नहीं होने की बात कहते हुए हल्दी लगाने से इनकार कर दिया। तब उसकी सहेली सामाजिक कार्यकर्ता शांता शर्मा सामने आईं। उन्होंने उन्हें कच्ची हल्दी पिसकर लगाई। इससे पहले शांता ने किरण को समझाया भी कि हल्दी शुभ होता है। एंटी बायोटिक का काम करता है। इसके बाद पूरी परंपराओं को निभाते हुए शादी कराई गई।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
नवविवाहित जोड़ा अपने परिवार के साथ।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/2J2SXas

0 komentar