रजिस्ट्री के दिन मिल जाएंगे दस्तावेज नए सॉफ्टवेयर से मुश्किलें होंगी खत्म , December 21, 2020 at 05:29AM

रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। अभी रजिस्ट्री कराने के बाद पांच से सात दिन के बाद रजिस्ट्री के दस्तावेज मिलते हैं। वहीं अब नए साफ्टवेयर के आ जाने से जिस दिन रजिस्ट्री होगी उसके कुछ घंटे बाद ही दस्तावेज भी लोग अपने साथ ले जा सकेंगे।
पंजीयन मुख्यालय ने अभी राज्यभर के जिलों के लिए नया सिस्टम एनजीडीआरएस (नेशनल जेनेरिक डीड रजिस्ट्रेशन सिस्टम) लांच किया है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे सबसे पहले धमतरी में लांच किया गया है। अफसरों का कहना है कि धमतरी में यह सिस्टम बेहतर तरीके से काम करता है तो इसे रायपुर में भी लागू किया जाएगा। 15 दिसंबर को लांच हुए इस सिस्टम से फिलहाल लोगों को राहत मिल रही है। इसलिए माना जा रहा है कि रायपुर समेत राज्यभर में यह ऑनलाइन सिस्टम लागू हो जाएगा। एनआईसी पुणे में बने इस सिस्टम का सॉफ्टवेयर बेहद तेजी से काम करता है। इस सॉफ्टवेयर को राज्य के लिए कस्टमाइज किया गया है। फिलहाल यह सॉफ्टवेयर देश के 10 राज्यों में पहले से ही चल रहा है। छत्तीसगढ़ 11वां राज्य है जहां इस सॉफ्टवेयर को लागू किया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि नए सिस्टम से फर्जी रजिस्ट्री लगभग खत्म हो जाएगी।

अप्वाइंटमेंट लेना भी आसान होगा
रायपुर में नया सिस्टम लागू होने के बाद ऑनलाइन अप्वाइंटमेंट लेना भी आसान हो जाएगा। नए सिस्टम में दस्तावेजों के पंजीयन के लिए क्रेता-विक्रेता या उसके प्रतिनिधि पहली बार वेबसाइट https://ift.tt/383FFCT के सिटीजन पार्ट में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराएंगे।
ऑनलाइन उपलब्ध फार्म में पक्षकारों और संपत्ति का विवरण भरने के बाद सिस्टम से बाजार मूल्य, स्टांप एवं पंजीयन शुल्क ऑटोमेटिक जनरेट हो जाएगा। ये सभी शुल्क भी ऑनलाइन ही जमा होंगे। पंजीयन के लिए सुविधानुसार समय एवं तारीख का चयन करना होगा। इसी अप्वाइंटमेंट के आधार पर लोग दफ्तर जाएंगे और मूल दस्तावेज पेश करने के बाद रजिस्ट्री की जाएगी। यह काम पूरा होने के साथ ही दस्तावेजों की स्केनिंग की जाएगी और उसी समय पक्षकार को मूल दस्तावेजों को डिजिटल सील-सिग्नेचर के साथ वापस कर दिया जाएगा। यानी रजिस्ट्री उसी दिन मिल जाएगी।



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Documents will be found on the day of registry, difficulties will be overcome with new software


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