छत्तीसगढ़ के एक चौथाई MLA संक्रमित; दो मंत्री भी नहीं बच सके , December 09, 2020 at 09:37AM

छत्तीसगढ़ में कोरोना का कहर जारी है। यहां मार्च में संक्रमण का पहला मामला सामने आया था। उसके बाद से दो लाख 48 हजार से अधिक लोग वायरस की चपेट में आ चुके हैं। इस संक्रमण की चपेट में सरकार भी है।

प्रदेश के दो मंत्री भी कोरोना से बीमार हो चुके हैं। इनमें उच्च शिक्षा, युवा कल्याण और खेल मंत्री उमेश पटेल और महिला एवं बाल विकास व समाज कल्याण मंत्री अनिला भेंडिया शामिल हैं। पांच संसदीय सचिव भी इसकी वजह से बीमार हुए थे।

छत्तीसगढ़ की 90 सदस्यों वाली विधानसभा के 22 मतलब करीब एक चौथाई विधायकों को यह वायरस अपनी चपेट में ले चुका है। इनमें कई वरिष्ठ विधायक भी शामिल हैं।

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और कोण्डागांव विधायक मोहन मरकाम, नेता प्रतिपक्ष और बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और दूसरे प्रमुख विपक्षी दल जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ विधायक दल के नेता धर्मजीत सिंह को वायरस ने अपना निशाना बनाया था।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक किसी विधायक के कोरोना संक्रमित होने का पहला मामला जून में सामने आया था। डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू इसके पहले शिकार हुए। जिस समय विधायक की जांच रिपोर्ट आई वे विधानसभा परिसर में समिति की बैठक में थे।

संक्रमण का मामला सामने आने के बाद विधानसभा सचिवालय को पांच दिनों के लिए बंद कर दिया गया था। बैठक में शामिल शेष पांच विधायकों और सचिवालय के अफसरों को कई दिनों तक आइसोलेट रहना पड़ा। इसी बैठक में शामिल भाजपा विधायक शिवरतन शर्मा और कांग्रेस विधायक आशीष छाबड़ा को बाद में संक्रमित पाया गया।

अगस्त के बाद विधायकों और मंत्रियों में संक्रमण तेजी से बढ़ा है। हाल ही में कोरोना संक्रमण की चपेट में आए रायपुर ग्रामीण क्षेत्र से कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा, पूरे देश में जनप्रतिनिधि संक्रमण के खतरे में हैं। हमारी स्थिति ऐसी है कि जनता से मिलने से इन्कार नहीं कर सकते।

शर्मा कहते हैं, जनता अगर परेशानी में है तो कोई संवेदनशील जनप्रतिनिधि घर में बैठा नहीं रह सकता। जनता हमारी जिम्मेदारी है। समस्या यह है कि मिलने-जुलने वालों में कौन संक्रमित है इसका पता नहीं चलता। ऐसे में जनता का काम करने के लिए हमें यह खतरा तो उठाना होगा।

विधानसभा सत्र में ही संक्रमित मिले विधायक

अगस्त में हुए विधानसभा के मानसून सत्र में सुरक्षा की विशेष व्यवस्था हुई थी। विधायकों की बैठक को शीशे के पार्टीशन से घेरा गया था। प्रवेश से पहले सेनिटाइजेशन, तापमान व ऑक्सीजन लेवल के जांच की व्यवस्था थी।

विधायकों के स्वैच्छिक कोरोना जांच की भी व्यवस्था थी। अंतिम दिन हुए जांच में भाजपा विधायक डमरुधर पुजारी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। उसके बाद विधानसभा अध्यक्ष समेत कई विधायक होम आइसोलेशन में चले गए।

अब तक ये विधायक हो चुके संक्रमित

डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू, भरतपुर-सोनहत विधायक गुलाब कमरो, भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, कोण्डागांव विधायक मोहन मरकाम।

नवागढ़ विधायक गुरुदयाल बंजारे, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, बिलासपुर विधायक शैलेश पाण्डेय, बेमेतरा विधायक आशीष छाबड़ा।

महासमुंद विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर, सामरी विधायक चिंतामणि महाराज, सरायपाली विधायक किश्मतलाल नंद।

धरसीवां विधायक अनिता शर्मा, रामानुजगंज विधायक बृहस्पति सिंह, मनेंद्रगढ़ विधायक डॉ. विनय जायसवाल, खुज्जी विधायक छन्नी साहू और रायपुर ग्रामीण विधायक सत्यनारायण शर्मा (सभी कांग्रेस से)।

बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक, भाटापारा विधायक सत्यनारायण शर्मा और बिन्द्रानवागढ़ विधायक डमरुधर पुजारी (सभी भाजपा), लोरमी विधायक धर्मजीत सिंह (जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़)।

मुख्यमंत्री-मंत्रियों को बार-बार होना पड़ा आइसोलेट

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री रविंद्र चौबे, वन मंत्री मोहम्मद अकबर, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव डहरिया आदि को कई बार होम आइसोलेट होना पड़ा है।

ऐसा परिवार के सदस्यों और निजी स्टाफ के कोरोना संक्रमित होने की वजह से हुआ। मंगलवार को आई रिपोर्ट के मुताबिक मुख्यमंत्री के ओएसडी को संक्रमित पाया गया है।

लापरवाहियां भी खूब हुई

राजनीतिक वजहाें से सरकार में लापरवाही भी खूब हुई। कांग्रेस, भाजपा और जकांछ ने संक्रमण के चरम दौर में ही कई राजनीतिक आंदोलन किये। बड़ी बैठकें हुईं।

कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया संक्रमित होने के बावजूद मंत्रियों, विधायकों और पदाधिकारियों के साथ बैठकों में शामिल हुए।

लॉकडाउन के दौरान उद्योग मंत्री कवासी लखमा बिना वजह रायपुर से रायगढ़ में घूमने पहुंच गए थे। अक्टूबर-नवम्बर में हुए मरवाही विधानसभा उपचुनाव में भी कोविड प्रोटोकाल की तमाम मर्यादाएं टूटीं।

राजस्थान में दो विधायकों की हो चुकी है मौत

राजस्थान में 25 प्रतिशत से अधिक विधायक अब तक कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से दो विधायकों की कोरोना की वजह से मौत भी हो चुकी है। अब तक राजस्थान सरकार के 8 मंत्री संक्रमित हो चुके हैं।

वहीं पड़ोसी मध्य प्रदेश में 19 प्रतिशत विधायक कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनमें 11 कैबिनेट मंत्री भी हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान खुद भी इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं।



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कोरोना संक्रमण को देखते हुए विधानसभा सत्र के दौरान कई एहतियाती कदम उठाए गए थे, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों की वजह से विधायक और मंत्री संक्रमण की चपेट में आते जा रहे हैं। फाइल फोटो।


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