NEET काउंसलिंग से वंचित नक्सलगढ़ की दो छात्राएं प्राइवेट कॉलेज से करेंगी MBBS, छत्तीसगढ़ सरकार उठाएगी खर्च , December 03, 2020 at 06:12AM

छत्तीसगढ़ के बस्तर में आदिवासी होनहार बच्चों का भविष्य अब उनकी परिस्थितियां और आर्थिक स्थितियां खराब नहीं कर सकेंगी। ऐसे बच्चों के को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का साथ मिला है। NEET में क्वॉलिफाई करने वाली दो छात्राएं प्राइवेट कॉलेज से पढ़ाई करेंगी। इनकी पढ़ाई का सारा खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी। दोनों छात्राएं नेटवर्क समस्या के चलते रजिस्ट्रेशन और काउंसलिंग से वंचित रह गई थीं।

नक्सलगढ़ गांव बोरजे की पद्मा मडे और पनेड़ा की पीयूषा वेक का MBBS की पढ़ाई के लिए प्राइवेट कॉलेज में दाखिला होगा। पढ़ाई के लिए दोनों छात्राओं पर 2 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। ऐसा पहली बार होगा जब राज्य सरकार ने इस ओर कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसकी घोषणा की है। काउंसलिंग से वंचित होने की खबर के बाद CM लगातार इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे थे।

कटऑफ के मुताबिक जो पात्र, उन्हें भी मिलेगा लाभ
कलेक्टर दीपक सोनी ने बताया कि तकनीकी खामियों के कारण बच्चे रजिस्ट्रेशन से वंचित रहे हैं। एक बच्चे की पढ़ाई के लिए सालाना करीब 15-20 लाख का खर्च होता है। मुख्यमंत्री जी ने इसकी जानकारी दी है। कटऑफ से अधिक नंबर वाली दोनों छात्राओं का MBBS में दाखिला तय है। इनके अलावा भी कटऑफ के मुताबिक जो बच्चे पात्र होंगे, उनके लिए भी यही नियम लागू होगा।

छत्तीसगढ़ गठन के बाद ऐसा पहली बार
छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है कि जब MBBS की पढ़ाई के लिए प्राइवेट कॉलेजों की पेमेंट सीट में बच्चे एडमिशन लें और उनकी पढ़ाई का पूरा खर्च राज्य सरकार की ओर से उठाया जाए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा, किसी भी बच्चे के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होना चाहिए। सुदूर अंचल में होनहार छात्र-छात्राएं मजबूरियों के चलते वंचित रह जाते हैं। अब ऐसा नहीं होगा।



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छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा की दो आदिवासी छात्राओं ने NEET क्वालिफाई किया था, लेकिन नेटवर्क समस्या के कारण काउंसलिंग में शामिल नहीं हो सकीं। अब इनकी MBBS की पढ़ाई प्राइवेट कॉलेज में होगी और सारा खर्च राज्य सरकार उठाएगी।


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