भाजपा को जिलों में नहीं मिल रहे 35 से कम उम्र के अनुभवी युवा , January 10, 2021 at 05:35AM

भाजपा को युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष के लिए 29 जिलों में योग्य युवा नहीं मिल रहे। इसमें सबसे बड़ी दिक्कत 35 साल की उम्र सीमा के कारण आ रही है। यह तर्क दिया जा रहा है कि विपक्ष में होने के कारण अनुभवी और तेजतर्रार युवाओं की जरूरत है। इस तर्क के सहारे 35 पार के कार्यकर्ता भी छूट के लिए जोर-आजमाइश कर रहे हैं।

युवा मोर्चा में एक अध्यक्ष ही नहीं, बल्कि उपाध्यक्ष-महामंत्री आदि मिलाकर दो दर्जन पदाधिकारी और करीब 40 सदस्य चाहिए। हर जिले में 35 से कम उम्र के भी कई दावेदार हैं। इनमें पार्टी के साथ एबीवीपी से जुड़े लोगों के नाम भी हैं। उम्र सीमा तय होने के कारण लंबे समय से युवा मोर्चा से जुड़े कार्यकर्ता और पदाधिकारी बाहर हो जाएंगे। उनका तर्क है कि प्रदेश की कार्यकारिणी या जिले की कार्यकारिणी में उन्हें शामिल करना चाहिए, जिससे पुराने कामकाज का अनुभव रखने वाले कार्यकर्ता भी टीम में शामिल हों।

इस पर कई वरिष्ठ नेता भी सहमत हैं। उम्र सीमा की छूट की कोशिश में ही देरी होने की बात सामने आ रही है। यही वजह है कि प्रदेश प्रभारी के दूसरे दौरे के बाद भी नियुक्तियां नहीं की जा सकी हैं। हालांकि वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि जल्द ही नियुक्तियां कर दी जाएंगी।

13 जनवरी के प्रदर्शन कर इंतजार : धान खरीदी में अव्यवस्था, बारदाने की कमी और किसानों को हो रही परेशानियों के मुद्दे पर भाजपा 13 जनवरी को विधानसभा स्तर पर बड़ा आंदोलन करने जा रही है। सूत्रों के मुताबिक ज्यादा से ज्यादा लोगों की भागीदारी हो इसलिए भाजपा सूची जारी नहीं कर रही है। नियुक्तियां होने की स्थिति विवाद सामने आ सकता है।

पहली बार आरएसएस से संगठन में नियुक्तियों के लिए भेज रहे अनुशंसा

पहली बार संगठन में नियुक्तियों के लिए भी आरएसएस से बड़ी संख्या में अनुशंसाएं पहुंच रही हैं। प्रदेश कार्यकारिणी में भी आरएसएस बैकग्राउंड के कई नेताओंं को जगह दी गई है। वहीं, अब मोर्चा-प्रकोष्ठ में भी आरएसएस से जुड़े नेताओं को खासतौर पर जोड़ने के लिए दबाव है। युवा मोर्चा के साथ किसान मोर्चा में भी आरएसएस की ओर से कई नाम भेजे गए हैं। इनमें आरएसएस के एक बड़े पदाधिकारी के बेटे का नाम भी आया है।

इसे लेकर कार्यकर्ताओं में नाराजगी भी देखी जा रही है, क्योंकि मोर्चा-प्रकोष्ठ में जगह पाने के लिए पहले ही दावेदारों की भीड़ है। इनमें युवा मोर्चा से 35 साल की उम्र सीमा के कारण बाहर हुए कार्यकर्ताओं की संख्या ज्यादा है, जो अब बाकी मोर्चा में जगह पाने की कोशिश में जुटे हुए हैं।

केंद्रीय नेतृत्व से ही आरएसएस की अनुशंसाओं को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी मिलने के बाद पहली बार जब डी. पुरंदेश्वरी और सह प्रभारी नितिन नवीन पहुंचे थे तो वे भी आरएसएस के मुख्यालय जागृति मंडल गए थे।

जल्द ही हो जाएंगी मोर्चा में नियुक्तियां

प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष के मार्गदर्शन में युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी और जिलाध्यक्षों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल्द ही नियुक्तियां कर दी जाएंगी।

-अनुराग सिंहदेव, प्रभारी युवा मोर्चा



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BJP not finding experienced youth below 35 in districts


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