आज से एक रुपया और एक पैली धान इकट्‌ठा करेगी NSUI, खरीदी केंद्रों पर मदद मांगने पहुंचेंगे पदाधिकारी , January 05, 2021 at 05:32AM

केंद्र सरकार के कृषि संबंधी विवादित कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान संगठनों की वित्तीय मदद के लिए कांग्रेस ने आनुषांगिक संगठनों को आगे कर दिया है। कांग्रेस का छात्र संगठन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) आज से पूरे छत्तीसगढ़ में एक रुपया और एक पैली धान जुटाने का अभियान शुरू करेगा। पैली लकड़ी अथवा मिट्‌टी से बना एक बर्तन होता है, छत्तीसगढ़ के गांवों में इससे अनाज मापते हैं।

NSUI के प्रदेश अध्यक्ष आकाश शर्मा ने बताया, आज से उनका "एक रुपए, एक पैली धान देकर बढ़ाएं किसानों का मान" अभियान शुरू हो रहा है। इसके तहत हमारे पदाधिकारी और कार्यकर्ता सभी धान खरीदी केंद्रों में जाकर किसानों से बात करेंगे। उन्होंने नये कृषि कानूनों का नुकसान समझाएंगे और कम से कम एक रुपए और एक पैली धान का सहयोग मांगेंगे।

शर्मा ने बताया, इस काम के लिए प्रत्येक 10 धान खरीदी केंद्र पर एक प्रभारी नियुक्त किया गया है। कहा गया कि प्रत्येक खरीदी केंद्र पर सुबह दो घंटे और शाम को दो घंटे कार्यकर्ता बूथ बनाकर बैठें। किसानों को जागरुक करें और राशि इकट्‌ठा करें। इसके लिए बाकायदा रजिस्टर बनाया जाएगा ताकि दान के एक-एक पैसे का हिसाब रहे।

यह अभियान 9 जनवरी तक चलेगा। आकाश शर्मा ने बताया, इसके लिए संगठन ने कोई लक्ष्य तय नहीं किया है, लेकिन लोगों से गुजारिश रहेगी कि एक रुपए से लेकर जितना दे पाएं, दान दें।

धान से चावल बनाकर दिल्ली भेजेंगे

10 जनवरी तक इकट्‌ठा हुआ पूरा धान और नकद राशि रायपुर पहुंचेगी। हम लोगों ने राइस मिलर से बात की है। वहां पूरे धान की मिलिंग कर चावल बनाया जाएगा। 11 जनवरी को यह चावल और नकद राशि दिल्ली रवाना कर दिया जाएगा। चावल और राशि आंदोलन स्थल पर चल रहे एनएसयूआई के लंगर में काम आएगा।

कांग्रेस कराएगी वॉल राइटिंग

रविवार को हुई कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में तय हुआ कि केंद्र सरकार के कृषि संबंधी कानूनों के विरोध और मौजूदा खरीदी संकट पर कांग्रेस भी धान खरीदी केंद्रों में जाएगी। वहां इन मुद्दों पर किसानों से बातचीत होगी। वहां वॉल राइटिंग के जरिए कांग्रेस अपना संदेश देने की कोशिश करेगी।



Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today
NSUI कांग्रेस का छात्र संगठन है। संगठन की ओर से दिल्ली की सीमाओं पर चल रहे आंदोलन में लंगर संचालित हो रहे हैं।


from Dainik Bhaskar https://ift.tt/3pRFsKz

0 komentar