छत्तीसगढ़ से दिल्ली जा रहे किसानों को हरियाणा पुलिस ने पलवल में रोका, सड़क पर ही गाड़े तंबू, वहां UP, MP और महाराष्ट्र के भी हजारों किसान , January 09, 2021 at 08:53PM

केंद्र सरकार के कृषि संबंधी तीनों कानूनों का विरोध करने दिल्ली जा रहे छत्तीसगढ़ के किसानों का जत्था हरियाणा के पलवल में रोक लिया गया है। पुलिस ने भारी बेरीकेड लगाकर गाड़ियों का आगे नहीं बढ़ने दिया। किसानों ने सड़क पर ही तंबू लगा दिया है। मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के हजारों किसान पहले से ही वहां रुके हैं।

छत्तीसगढ़ किसान मजदूर महासंघ की अगुवाई में करीब 300 किसानों का जत्था गुरुवार को रवाना हुआ था। सड़क मार्ग से मध्य प्रदेश को पार करते हुए किसानों का काफिला शुक्रवार सुबह उत्तर प्रदेश में पहुंच गया था।

जत्थे की अगुवाई कर रहे अखिल भारतीय क्रांतिकारी किसान सभा के राज्य सचिव तेजराम विद्रोही ने बताया, UP में उन लोगों को पहले भी दो जगह रोककर वापस लौटने को कहा गया। हम लोगों ने कहा, जहां रोकोगे वहीं धरने पर बैठेंगे। उसके बाद पुलिस ने आगे जाने दिया। रात में उन लोगों ने हाइवे 19 से हरियाणा में प्रवेश किया।

विद्रोही ने बताया, देर रात पलवल के पास हरियाणा पुलिस ने गाड़ियों को रोक लिया। उतरकर पता किया तो सड़क पर भारी बेरीकेड लगाए गए थे। वहां मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश के 5 से 7 हजार किसान पहले से तंबू तानकर बैठे थे।

आगे जाने की गुंजाइश नहीं थी। ऐसे में हम लोग भी वहां धरने पर बैठे दूसरे राज्यों से आए किसानों में शामिल हो गए। रात को ट्रक में ही सोये। सुबह बहराेला गांव की सड़क पर तंबू लगा दिया गया। यह जगह दिल्ली की सीमा से करीब 60 किमी दूर है।

छत्तीसगढ़ के किसानों ने सुबह करीब एक किमी लंबा मार्च निकालकर कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की।

किसानों ने लगाया है लंगर

छत्तीसगढ़ से गए किसान अपने साथ करीब एक महीने का राशन लेकर गए हैं। उनके साथ चुल्हा, गैस सिलिंडर और जरूरी बर्तन भी है। लेकिन वहां चल रहे आंदोलन में किसानों ने पहले से ही लंगर लगा रखा है। आंदोलन के नेताओं ने छत्तीसगढ़ से गए किसानों को भी वहीं लंगर में भोजन करने को कहा है।



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छत्तीसगढ़ के किसान भी अब उस बड़े आंदोलन का हिस्सा बन गए हैं जो दिल्ली के आसपास घेरा डाले बैठा है।


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