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छ.ग.राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल एवं निगम अपर आयुक्त ने सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रभावषील प्रतिबंध को कडाई से लागू करने दिषा निर्देषों से अवगत कराया


रायपुर – आज नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त मयंक चतुर्वेदी के आदेषानुसार छत्तीसगढ़ राज्य पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी श्री कष्यप एवं नगर निगम अपर आयुक्त श्री सुनील चंद्रवंषी ने निगम मुख्यालय महात्मा गाॅधी सदन के तृतीय तल सभाकक्ष में बैठक लेकर सभी जोन कमिष्नरों, जोन स्वास्थ्य अधिकारियों, सहायक राजस्व अधिकारियों, अभियंताओं की बैठक नगर निवेषक श्री बी.आर. अग्रवाल की उपस्थिति में लेते हुए उन्हें केन्द्र सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली के आदेषानुसार एवं छ.ग.नगरीय प्रषासन एवं विकास संचालनालय एवं छ.ग. पर्यावरण संरक्षण मंडल के निर्देषानुसार 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज प्लास्टिक के विनिर्माण आयात, भंडारण, विवरण, बिक्री और उपयोग पर प्रभावषील पूर्ण प्रतिबंध से संबंधित शासकीय दिषा निर्देषों की विस्तृत जानकारी से अवगत कराया।

छ.ग. पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी श्री कष्यप एवं अपर आयुक्त श्री चंद्रवंषी ने अधिकारियों को जानकारी दी कि राजधानी रायपुर शहर नगर पालिक निगम के सभी 10 जोनों के समस्त 70 वार्डो में सिंगल यूज प्लास्टिक पर 1 जुलाई से पूर्ण प्रतिबंध को पूरी तरह व्यवहारिक रूप से परिपालन करवाने यह जानकारी अधिकारियों एवं नागरिको को होना व्यवहारिक रूप से आवष्यक है कि 1 जुलाई से स्टिक युक्त ईयर बड्स, गुब्बारों के लिए प्लास्टिक की इंडिया, प्लास्टिक के झंडे कैड़ी स्टिक, आइसक्रीम की इंडिया, पोलीस्टाइरीन (थर्मोकोल) की सजावटी सामग्री, प्लेटे, कप, गिलास, कांटे, चम्मच, चाकू, स्ट्रॉ, ट्रे जैसे कटलरी, मिठाई के डिब्बों के इर्द-गिर्द लपेटने या पैक करने वाली फिल्में, निमंत्रण कार्ड और सिगरेट पैकेट 100 माइक्रॉन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक या पीवीसी बैनर, स्टायरस आदि वस्तुएं पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ शासन की अधिसूचना दिनांक 27.08 2017 द्वारा पूर्व से ही प्लास्टिक कैरी बैग, अल्प-जीवन पीवीसी एवं क्लोरिनयुक्त प्लास्टिक अर्थात विज्ञापन एवं प्रचार सामग्री (पीवीसी के बैनर, फ्लेक्स, होडिंग्स, फोमबोर्ड आदि) तथा खानपान के लिये प्रयुक्त प्लास्टिक की वस्तुएं (कप, ग्लास, प्लेट, बाउल एवं चम्मच) का विनिर्माण, भंडारण, आयात, विक्रय, परिवहन एवं उपयोग पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है यह प्रतिबंध यथावत प्रभावशील रहेगा।

बैठक में सभी जोन कमिष्नरों को निगम आयुक्त के आदेषानुसार निर्देषित किया गया है कि रायपुर नगर निगम क्षेत्र के तहत सभी उत्पादन कर्ता, संग्रहणकर्ता, रिटेलर्स, दुकानदार, ई-कामर्स कंपनी, फेरी वाले, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों(माॅल्स/बाजार/शाॅपिंग सेन्टर/सिनेमा हाॅल / पर्यटन स्थल / विद्यालय / महाविद्यालय/ कार्यस्थल / अस्पताल एवं अन्य संस्थाओं ) में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय केन्द्र सरकार की अधिसूचना में उल्लेखित समय सीमा के अनुसार चिन्हित एकल प्रयोग प्लास्टिक वस्तुओं का विनिर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग बंद किया जाये।

अधिसूचना के प्रावधानों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठान / व्यक्ति के विरूद्ध पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम 1986 के प्रावधानों के अंतर्गत कार्यवाही की जायेगी । जिसके तहत एकल प्रयोग प्लास्टिक वस्तुओं की जप्ती करने, पर्यावरण क्षतिपूर्ति राषि वसूलने एवं इकाई/ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को बंद करने की कार्यवाही शामिल की जायेगी। आयुक्त के आदेषानुसार कार्यवाही की विधि सम्मत प्रभावी रूप से किये जाने हेतु जोन स्तर पर सहायक अभियंता नगर निवेष, सहायक राजस्व अधिकारी एवं जोन स्वास्थ्य अधिकारी के संयुक्त दल का गठन किया गया है। संयुक्त दल अपने जोन क्षेत्र के तहत निगम मुख्यालय से सामंजस्य स्थापित कर नियमानुसार कार्यवाही सुनिष्चित करते हुए जनजागरण अभियान चलायेगा एवं वैकल्पिक साधनों जैसे कपड़े का थैला, बर्तन इत्यादि का उपयोग करने जनजागृति लाने का कार्य शासन के निर्देष के अनुरूप पर्यावरण के हित में करेगा।

आयुक्त के आदेषानुसार जोन स्तर पर जोन कमिष्नर एवं कार्यपालन अभियंता के निर्देषन पर कार्यवाही कर दैनिक / साप्ताहिक पालन प्रतिवेदन निगम मुख्यालय को प्रस्तुत किया जायेगा। यहां यह उल्लेखनीय है कि आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेदी के आदेषानुसार केन्द्र सरकार, छत्तीसगढ शासन एवं छ.ग. पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा एकल प्रयोग प्लास्टिक, (सिंगल यूज प्लास्टिक ) जैसे प्लेटे, कप, गिलास, कांटे चम्मच, चाकू, स्ट्रा, ट्रे के विनिर्माण आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर 1 जुलाई 2022 से प्रभावषील किये गये पूर्ण प्रतिबंध के संदर्भ में जनजागरूकता अभियान चलाने एवं वैकल्पिक साधनों जैसे कपडे का झोला एवं बर्तन इत्यादि के उपयोग हेतु जनजागृति के लिये जोन कार्यालयों से समन्वय हेतु निगम मुख्यालय के उपअभियंता श्री अतुल सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

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परिवहन विभाग ने की यात्री बसों की संयुक्त चेकिंग ,परमिट शर्तो का उल्लंघन एवं अन्य वाहन पर 1 लाख 44 हज़ार रुपए शुल्क की वसूली। – छ.ग.का नंबर 1 न्यूज़ पोर्टल


सरायपाली/जनसंवाद/विकास नंद/
आज शुक्रवार 19 अगस्त को परिवहन अधिकारी, महासमुंद, उड़न दस्ता, रायपुर एवं परिवहन चेक पोस्ट, खम्हारपाली के साथ मिलकर यात्री बसों की संयुक्त चेकिंग कार्यवाही की। परिवहन आयुक्त, रायपुर के निर्देशानुसार कार्रवाई को अंजाम दिया।
ज़िला परिवहन अधिकारी आर.के.ध्रुव ने बताया कि कुछ दिनों से मिल रही शिकायतों के चलते यह कार्रवाई की गयी। रायपुर सरायपाली मार्ग पर अधिक किराया, बिना परमिट, बिना फिटनेस, बिना टैक्स, बिना बीमा के संचालित वाहनों पर कार्यवाही की गयी। परमिट शर्तो का उल्लंघन करते पाये जाने पर कुल 24 वाहनों से कुल 49,300 रूपए समझौता शुल्क वसूल किया गया है। इसके अलावा 01 वाहन का मोटर यान कर बकाया होने के कारण छत्तीसगढ़ मोटर यान कराधान अधिनियम 1991 की धारा 16 (3) के तहत जप्त कर पुलिस थाना, तुमगांव की अभिरक्षा में वाहन खड़ी की गई थी। वाहन स्वामी द्वारा बकाया मोटरयान कर 39,000 रूपए जमा करने के पश्चात वाहन को मुक्त किया गया। सभी को भविष्य के लिए हिदायत दी गयी।
कार्रवाई के दौरान 2 वाहनों से 10,000 रूपए समझौता शुल्क वसूल किया गया। बिना बीमा के संचालित 01 वाहन पर कार्यवाही करते हुए 5000 रूपए समझौता शुल्क वसूल किया गया। अधिक किराया वसूल करते पाये जाने पर 3 वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 15,000 रूपए समझौता शुल्क वसूल किया गया। अन्य अपराध के तहत कुल 18 वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए कुल 19,300 रूपए समझौता शुल्क वसूल किया गया। इस तरह कुल 24 वाहनों से कुल 49,300 रूपए समझौता शुल्क वसूल किया गया है।
इसी प्रकार 01 स्कूल बस क्रमांक सीजी 04 एमवाय 4907 का मोटर यान कर बकाया होने के कारण 8000 रूपए जमा कराकर वाहन मुक्त किया गया। 01 ओव्हर लोड मालयान पर कार्यवाही करते हुए 48,000 रूपए समझौता शुल्क वसूल किया गया है।

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विधायक ने कृष्ण कुंज में किया पौधारोपण। – छ.ग.का नंबर 1 न्यूज़ पोर्टल


सरायपाली/जनसंवाद/विकास नंद/
उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण व स्थानीय विधायक किस्मत लाल नंद ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना के साथ ही जन्माष्टमी के पावन अवसर पर कृष्ण कुंज में कंदब का पौधरोपण किया सरायपाली से भंवरपुर मार्ग पर बने कृष्ण कुंज में 1.5 हेक्टेयर भूमि पर 900 नग पौधे रोपित किए गए हैं जिसमें बरगद, पीपल, कंदब, जैसे सांस्कृतिक महत्व के पौधे लगाए गए कृष्ण कुंज में जीवनपयोगी आम, इमली, बेर, गंगा ईमली, जामुन, शहतूत, तेंदू , चिरौंजी के पौधे लगाए गए हैं बता दें कि प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में 162 स्थानो के कृष्ण कुंज में पौधरोपण किया गया है वृक्षारोपण को जन जन से जोड़ने सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए कृष्ण कुंज का नाम दिया गया है इस अवसर पर नगर पालिका अध्य्क्ष अमृत लाल पटेल, वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी आर. एल. व्यवहार, सिंघोड़ा बीट से संतोष कुमार पैकरा, सर्कल आफिसर सुरेश पाणिग्राही, सतीश कुमार पटेल, आकाश बेहरा, अनिल प्रधान, दिनेश प्रधान, बैजनाथ बारिक, मीना पटेल, पुरुषोत्तम साव, चंद्रशेखर सिदार, मुकेश निषाद, राकेश पटेल, सुनील जमींदार, शुभम तिवारी, कुलेश्वर डडसेना, प्रेम प्रकाश कुर्रे, सहित समस्त वन कर्मचारी एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी तथा नगर के गणमान्य नागरिकगण, जनप्रतिनिधि, कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहें।

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कोविड में डोलो की मांग क्यों इतना बढ़ी, जानिए वजह !


रायपुर। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान देश के हेल्थ सिस्टम को सबने देखा और उस दौरान सरकारों पर भी सवाल उठे और हेल्थ सिस्टम को फेल होता देख लोगों ने अपने स्तर पर खुद ही कुछ जरूरी दवाईयों का इंतजाम कर लिया था औऱ इन्हीं में से एक दवा थी डोलो 650। इसके बारे में डॉक्टर भी कहते थे कि बुखार की स्थिति में डोलो खाते रहिए।  क्योंकि सांस लेने में तकलीफ होने की समस्या के अलावा दूसरी लहर के दौरान बुखार भी एक बड़ी समस्या थी । लोगों को बराबर दवाईयां खाने के बाद भी हफ्तों तक बुखार नहीं जाता था।  दर्द और बुखार की दवा डोलो 650 ने बिक्री के मामले में क्रोसिन को पीछे छोड़ दिया।

बता दे कि पूरे भारत देश में इन 12 महीनो में ही डोलो टेबलेट की 400 करोड़ की बिक्री हुई है। मार्च 2020 से दिसंबर 2021 तक  कोरोना महामारी के इस 20 महीनों में 567 करोड़ रुपए की 350 करोड़ डोलो टैबलेट की बिक्री हुई हैं…राजधानी रायपुर में सामान्य समय पर 10 से 12 लाख की बिक्री होती थी लेकिन कोविड के समय में 45 से 50 लाख की बिक्री हुई है।

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देसी ब्रांड है डोलो 650

डोलो एक देशी ब्रांड है और डॉक्टर भी इस दवाई पर काफी भरोसा दिखा रहे हैं। जिस बुखार औऱ दर्द से राहत के लिए डोलो इस्तेमाल होती है उसी के लिए बाजार में जीएसके की कॉलपॉल औऱ क्रोसिन जैसी दवाईयां भी मौजूद हैं ।

वहीं अलग-अलग मेडिकल संचालकों का मानना है कोविड के समय में सबसे ज्यादा सर्दी खांसी बुखार की दवा की मांग बढ़ी जिसे अच्छे-अच्छे कंपनियों ने दवा की पूर्ति नहीं कर पाई लेकिन डोलो 650 दवा की सप्लाई जारी रखी और लोगों को आसानी से दवा मिलने लगी जिससे इसकी मांग सामान्य दिनों की अपेक्षा 4 गुना बढ़ी है।

साइड इफेक्ट्स मिनिमम

बुखार के लिए सालों से पैरासिटामॉल सबसे कारगर दवा है। ये बुखार जल्द कम करती है। इसके साइड इफेक्ट्स मिनिमम हैं। ये बच्चों से लेकर बुजर्गों तक को आराम से दी जा सकती है। डोलो टैबलेट की पापुलैरिटी पर डॉ. राकेश गुप्ता का कहना हैं कि इसकी दो बड़ी वजह हैं। पहला तो इस दवा का नाम जुबान पर चढ़ जाता है और ये हर जगह आसानी से अवेलेबल है। इसके कॉम्पिटीटर्स पायरीजेसिक, पैसिमॉल, फेपानिल और पैरासिप वगैरह हैं, जो बोलने और लिखने में कठिन हैं। दूसरी वजह  ये दवा 650 mg में आती है  जिस वजह से इसका असर देर तक रहता है। इसलिए तेज बुखार में डॉक्टर इसे ज्यादा प्रिस्क्राइब करते है।

डोलो ने क्रोसिन को रिप्लेस किया

कोरोना लहर में डॉक्टर ने जमकर डोलो प्रिस्क्राइब किया। एक दूसरे की देखा-देखी लोग खुद भी मेडिकल स्टोर जाकर डोलो 650 खरीदने लगे। यानी  ओवर द काउंटर मेडिसिन में डोलो ने क्रोसिन को रिप्लेस कर दिया और महज 20 महीने में बिक्री के रिकॉर्ड तोड़ दिए। जनवरी 2020 में कोरोना महामारी आने के बाद गूगल पर 2 लाख से ज्यादा लोगों ने ‘Dolo 650’ कीवर्ड सर्च किया है। इस तरह डोलो 650 भारत की दूसरी सबसे ज्यादा बिकने वाली एंटी-फीवर दवा बन गई।

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