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कलेक्टर सौरभ कुमार को दी गई भावभीनी विदाई – Vision News Service


रायपुर (वीएनएस)। कलेक्टर सौरभ कुमार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित रेडक्रास सभाकक्ष में जिला प्रशासन के अधिकारी कर्मचारियों ने भावभीनी विदाई दी। गत दिवस राज्य शासन मंत्रालय महानदी भवन द्वारा जारी आदेश अनुसार उन्हें बिलासपुर का कलेक्टर बनाया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि उनकी प्रशासनिक कुशलता, नेतृत्व क्षमता प्रशंसनीय हैं, एवं वे एक बेहतर इंसान भी हैं।

जिला वन मंडल अधिकारी विश्वेष कुमार ने कहा की उन्होंने अपने कार्यकाल बेहतर तरीके से संजीदगी पूर्ण किया है। उनका अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल उनकी कुशलता को प्रदर्शित करता है।

अपर कलेक्टर एनआर साहू ने कहा कोरोना काल, किसान आंदोलन आदि के साथ ही रायपुर राजधानी होने के नाते अन्य कई चुनौतीपूर्ण कार्य तथा जिले को विकास के क्षेत्र
में नई पहचान दिलाने के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। उन्होंने रायपुर नगर निगम कमिश्नर रहते हुए भी कई उल्लेखनीय एवं प्रशंसनीय कार्य किए हैं।

अन्य अधिकारियों ने भी उनके द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्य को याद करते हुए कहा कि उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला जो हमारे भावी प्रशासनिक जीवन में चुनौतियों से निपटने में काम आएगा।

कलेक्टर सौरभ कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन रायपुर में एक टीम के कप्तान के रूप में मुझे काम करने के लिए आप सभी अधिकारियों का जो सहयोग मिला एवं समन्वय से कार्य संपन्न किए। इससे जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है। आप सभी अपनी जिम्मेदारी, कर्तव्यों का निर्वहन उचित समन्वय से आम जनों के हित एवं भलाई के लिए करें।

अपर कलेक्टर गोपाल वर्मा को भी जिला प्रशासन के अधिकारियों कर्मचारियों ने विदाई दी। वर्मा का स्थानांतरण जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बलोदाबाजार के रूप में हुई है।

इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी रवि मित्तल, रायपुर नगर निगम के आयुक्त मयंक चतुर्वेदी, अपर कलेक्टर बी.बी.पंचभाई, बी.सी साहू ,सभी एसडीएम कलेक्ट्रेट के विभिन्न विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

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परिवहन विभाग ने की यात्री बसों की संयुक्त चेकिंग ,परमिट शर्तो का उल्लंघन एवं अन्य वाहन पर 1 लाख 44 हज़ार रुपए शुल्क की वसूली। – छ.ग.का नंबर 1 न्यूज़ पोर्टल


सरायपाली/जनसंवाद/विकास नंद/
आज शुक्रवार 19 अगस्त को परिवहन अधिकारी, महासमुंद, उड़न दस्ता, रायपुर एवं परिवहन चेक पोस्ट, खम्हारपाली के साथ मिलकर यात्री बसों की संयुक्त चेकिंग कार्यवाही की। परिवहन आयुक्त, रायपुर के निर्देशानुसार कार्रवाई को अंजाम दिया।
ज़िला परिवहन अधिकारी आर.के.ध्रुव ने बताया कि कुछ दिनों से मिल रही शिकायतों के चलते यह कार्रवाई की गयी। रायपुर सरायपाली मार्ग पर अधिक किराया, बिना परमिट, बिना फिटनेस, बिना टैक्स, बिना बीमा के संचालित वाहनों पर कार्यवाही की गयी। परमिट शर्तो का उल्लंघन करते पाये जाने पर कुल 24 वाहनों से कुल 49,300 रूपए समझौता शुल्क वसूल किया गया है। इसके अलावा 01 वाहन का मोटर यान कर बकाया होने के कारण छत्तीसगढ़ मोटर यान कराधान अधिनियम 1991 की धारा 16 (3) के तहत जप्त कर पुलिस थाना, तुमगांव की अभिरक्षा में वाहन खड़ी की गई थी। वाहन स्वामी द्वारा बकाया मोटरयान कर 39,000 रूपए जमा करने के पश्चात वाहन को मुक्त किया गया। सभी को भविष्य के लिए हिदायत दी गयी।
कार्रवाई के दौरान 2 वाहनों से 10,000 रूपए समझौता शुल्क वसूल किया गया। बिना बीमा के संचालित 01 वाहन पर कार्यवाही करते हुए 5000 रूपए समझौता शुल्क वसूल किया गया। अधिक किराया वसूल करते पाये जाने पर 3 वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 15,000 रूपए समझौता शुल्क वसूल किया गया। अन्य अपराध के तहत कुल 18 वाहनों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए कुल 19,300 रूपए समझौता शुल्क वसूल किया गया। इस तरह कुल 24 वाहनों से कुल 49,300 रूपए समझौता शुल्क वसूल किया गया है।
इसी प्रकार 01 स्कूल बस क्रमांक सीजी 04 एमवाय 4907 का मोटर यान कर बकाया होने के कारण 8000 रूपए जमा कराकर वाहन मुक्त किया गया। 01 ओव्हर लोड मालयान पर कार्यवाही करते हुए 48,000 रूपए समझौता शुल्क वसूल किया गया है।

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विधायक ने कृष्ण कुंज में किया पौधारोपण। – छ.ग.का नंबर 1 न्यूज़ पोर्टल


सरायपाली/जनसंवाद/विकास नंद/
उपाध्यक्ष अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण व स्थानीय विधायक किस्मत लाल नंद ने भगवान श्री कृष्ण की पूजा अर्चना के साथ ही जन्माष्टमी के पावन अवसर पर कृष्ण कुंज में कंदब का पौधरोपण किया सरायपाली से भंवरपुर मार्ग पर बने कृष्ण कुंज में 1.5 हेक्टेयर भूमि पर 900 नग पौधे रोपित किए गए हैं जिसमें बरगद, पीपल, कंदब, जैसे सांस्कृतिक महत्व के पौधे लगाए गए कृष्ण कुंज में जीवनपयोगी आम, इमली, बेर, गंगा ईमली, जामुन, शहतूत, तेंदू , चिरौंजी के पौधे लगाए गए हैं बता दें कि प्रदेश के सभी नगरीय क्षेत्रों में 162 स्थानो के कृष्ण कुंज में पौधरोपण किया गया है वृक्षारोपण को जन जन से जोड़ने सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए कृष्ण कुंज का नाम दिया गया है इस अवसर पर नगर पालिका अध्य्क्ष अमृत लाल पटेल, वन विभाग के वन परिक्षेत्र अधिकारी आर. एल. व्यवहार, सिंघोड़ा बीट से संतोष कुमार पैकरा, सर्कल आफिसर सुरेश पाणिग्राही, सतीश कुमार पटेल, आकाश बेहरा, अनिल प्रधान, दिनेश प्रधान, बैजनाथ बारिक, मीना पटेल, पुरुषोत्तम साव, चंद्रशेखर सिदार, मुकेश निषाद, राकेश पटेल, सुनील जमींदार, शुभम तिवारी, कुलेश्वर डडसेना, प्रेम प्रकाश कुर्रे, सहित समस्त वन कर्मचारी एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी तथा नगर के गणमान्य नागरिकगण, जनप्रतिनिधि, कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहें।

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कोविड में डोलो की मांग क्यों इतना बढ़ी, जानिए वजह !


रायपुर। कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान देश के हेल्थ सिस्टम को सबने देखा और उस दौरान सरकारों पर भी सवाल उठे और हेल्थ सिस्टम को फेल होता देख लोगों ने अपने स्तर पर खुद ही कुछ जरूरी दवाईयों का इंतजाम कर लिया था औऱ इन्हीं में से एक दवा थी डोलो 650। इसके बारे में डॉक्टर भी कहते थे कि बुखार की स्थिति में डोलो खाते रहिए।  क्योंकि सांस लेने में तकलीफ होने की समस्या के अलावा दूसरी लहर के दौरान बुखार भी एक बड़ी समस्या थी । लोगों को बराबर दवाईयां खाने के बाद भी हफ्तों तक बुखार नहीं जाता था।  दर्द और बुखार की दवा डोलो 650 ने बिक्री के मामले में क्रोसिन को पीछे छोड़ दिया।

बता दे कि पूरे भारत देश में इन 12 महीनो में ही डोलो टेबलेट की 400 करोड़ की बिक्री हुई है। मार्च 2020 से दिसंबर 2021 तक  कोरोना महामारी के इस 20 महीनों में 567 करोड़ रुपए की 350 करोड़ डोलो टैबलेट की बिक्री हुई हैं…राजधानी रायपुर में सामान्य समय पर 10 से 12 लाख की बिक्री होती थी लेकिन कोविड के समय में 45 से 50 लाख की बिक्री हुई है।

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देसी ब्रांड है डोलो 650

डोलो एक देशी ब्रांड है और डॉक्टर भी इस दवाई पर काफी भरोसा दिखा रहे हैं। जिस बुखार औऱ दर्द से राहत के लिए डोलो इस्तेमाल होती है उसी के लिए बाजार में जीएसके की कॉलपॉल औऱ क्रोसिन जैसी दवाईयां भी मौजूद हैं ।

वहीं अलग-अलग मेडिकल संचालकों का मानना है कोविड के समय में सबसे ज्यादा सर्दी खांसी बुखार की दवा की मांग बढ़ी जिसे अच्छे-अच्छे कंपनियों ने दवा की पूर्ति नहीं कर पाई लेकिन डोलो 650 दवा की सप्लाई जारी रखी और लोगों को आसानी से दवा मिलने लगी जिससे इसकी मांग सामान्य दिनों की अपेक्षा 4 गुना बढ़ी है।

साइड इफेक्ट्स मिनिमम

बुखार के लिए सालों से पैरासिटामॉल सबसे कारगर दवा है। ये बुखार जल्द कम करती है। इसके साइड इफेक्ट्स मिनिमम हैं। ये बच्चों से लेकर बुजर्गों तक को आराम से दी जा सकती है। डोलो टैबलेट की पापुलैरिटी पर डॉ. राकेश गुप्ता का कहना हैं कि इसकी दो बड़ी वजह हैं। पहला तो इस दवा का नाम जुबान पर चढ़ जाता है और ये हर जगह आसानी से अवेलेबल है। इसके कॉम्पिटीटर्स पायरीजेसिक, पैसिमॉल, फेपानिल और पैरासिप वगैरह हैं, जो बोलने और लिखने में कठिन हैं। दूसरी वजह  ये दवा 650 mg में आती है  जिस वजह से इसका असर देर तक रहता है। इसलिए तेज बुखार में डॉक्टर इसे ज्यादा प्रिस्क्राइब करते है।

डोलो ने क्रोसिन को रिप्लेस किया

कोरोना लहर में डॉक्टर ने जमकर डोलो प्रिस्क्राइब किया। एक दूसरे की देखा-देखी लोग खुद भी मेडिकल स्टोर जाकर डोलो 650 खरीदने लगे। यानी  ओवर द काउंटर मेडिसिन में डोलो ने क्रोसिन को रिप्लेस कर दिया और महज 20 महीने में बिक्री के रिकॉर्ड तोड़ दिए। जनवरी 2020 में कोरोना महामारी आने के बाद गूगल पर 2 लाख से ज्यादा लोगों ने ‘Dolo 650’ कीवर्ड सर्च किया है। इस तरह डोलो 650 भारत की दूसरी सबसे ज्यादा बिकने वाली एंटी-फीवर दवा बन गई।

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